भारत में बदला ऐप्स का खेल! AI ऐप्स के डाउनलोड में 205% उछाल, सोशल मीडिया को बड़ा झटका

भारत में ऐप डाउनलोड करने की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में भारत में जनरेटिव AI ऐप्स के डाउनलोड में 205 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

ChatGPT AI
Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: एक समय था, जब फोन का इस्तेमाल एक प्रीमियम काम माना जाता था. पहले कीपैड वाले फोन थे, जिस पर मैसेजिंग, स्नेक गेमिंग, कॉलिंग आदि जैसे बेसिक काम किए जाते थे. फिर समय आया, जब स्मार्टफोन लॉन्च किए गए. स्मार्टफोन पर भी पहले बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन बेसिक टू मॉडरेट काम किए जा सकते थे. वहीं, एक आज का समय है जब फोन को क्या कुछ नहीं किया जा सकता है. 

लोग इससे कॉन्टैंट क्रिएशन कर पैसा कमा रहे हैं, पैसा एक-दूसरे को भेज रहे हैं, फोटोग्राफी करना आदि जैसे काम कर रहे हैं. ऐसे में स्मार्टफोन अब केवल कॉल करने या सोशल मीडिया चलाने का साधन नहीं रह गया है. आज लोग मोबाइल ऐप्स की मदद से कई काम कर सकते हैं, जिसमें पढ़ाई करना, जॉब ढूंढना, नई स्किल सीखना आदि काम शामिल हैं. इसी बीच भारत में ऐप डाउनलोड करने की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में भारत में जनरेटिव AI ऐप्स के डाउनलोड में 205 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

AI ऐप्स के डाउनलोड में 205% की बढ़ोतरी:

भारत में AI ऐप्स का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है. इन ऐप्स की मदद से लोग सवालों के जवाब आसानी से ढूंढ लेते हैं. कई लोग तो एआई से जटिल से जटिल काम भी कराते हैं. इनका सब्सक्रिप्शन बेस इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है. ChatGPT जैसी ऐप्स ने AI तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 


पढ़ाई से लेकर नौकरी ढूंढने तक यह कई काम में मदद करता है. वहीं, कंटेंट क्रिएटर्स नए विचार तैयार करने के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं. सेंसर टावर की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत में जनरेटिव AI ऐप्स के डाउनलोड सालाना आधार पर 205 फीसदी बढ़े. यह आंकड़ा दिखाता है कि लोग नई तकनीक को अपनाने में दिलचस्पी ले रहे हैं.

छोटे वीडियो और कहानियों वाले ऐप्स भी लोकप्रिय:

मोबाइल पर एंटरटेनमेंट का तरीका बदल रहा है. अब लोग ऐसे ऐप्स पसंद करने लगे हैं, जिसमें शॉर्ट कहानियां आती हैं. शॉर्ट ड्रामा ऐप्स में कहानियां छोटे-छोटे एपिसोड में दिखाई जाती हैं. इनकी मदद से लोग यात्रा के दौरान, काम से खाली समय में या आराम करते हुए एंटरटेनमेंट का मजा ले सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत में मीडिया और एंटरटेनमेंट ऐप्स के डाउनलोड में 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. इससे पता चलता है कि मोबाइल पर एंटरटेनमेंट के नए विकल्पों की मांग बढ़ रही है.

सोशल मीडिया ऐप्स के डाउनलोड में 17% गिरावट:

जहां AI ऐप्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया ऐप्स के डाउनलोड में गिरावट दर्ज की गई है. सेंसर टावर के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 2025 के दौरान सोशल मीडिया ऐप्स के कुल डाउनलोड 17 फीसदी कम हुए. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि लोगों ने Instagram, WhatsApp या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बंद कर दिया है. बहुत से लोगों के मोबाइल में ये ऐप्स पहले से मौजूद हैं. ऐसे में उन्हें दोबारा डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ती. इसलिए डाउनलोड में कमी को सीधे तौर पर सोशल मीडिया की लोकप्रियता में गिरावट मानना सही नहीं होगा.

पढ़ाई और नौकरी वाले ऐप्स की मांग भी बढ़ी:

AI के अलावा शिक्षा और नौकरी से जुड़े ऐप्स भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत में इन ऐप्स के डाउनलोड में 39 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इन ऐप्स के जरिए छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं, नौकरी तलाश सकते हैं और नई स्किल सीख सकते हैं. डिजिटल शिक्षा और करियर से जुड़े विकल्पों की बढ़ती मांग इस बदलाव की एक वजह हो सकती है.

क्या AI बदलेगा मोबाइल इस्तेमाल करने का तरीका?

भारत में ऐप डाउनलोड के ये आंकड़े बताते हैं कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल अब एंटरटेनमेंट के साथ-साथ काम और सीखने के लिए भी बढ़ रहा है. AI ऐप्स, छोटे वीडियो और शिक्षा से जुड़े प्लेटफॉर्म लोगों की जरूरतों के अनुसार लोकप्रिय हो रहे हैं.

हालांकि, किसी ऐप के डाउनलोड बढ़ने या घटने से उसके नियमित इस्तेमाल का पूरा अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि AI ऐप्स लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में कितनी बड़ी भूमिका निभाते हैं.