CJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी को मिलने से किया इनकार, बोले- सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले

CJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात करने से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि विपक्ष जिन मुद्दों पर चर्चा करना चाहता है, उनसे जुड़े मामले सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक स्तर पर विचाराधीन हैं.

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Km Jaya

भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी CJI सूर्यकांत ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने INDIA ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात करने से इनकार क्यों किया. विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर CJI से मिलने का समय मांगा था. हालांकि, सूर्यकांत ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया.

CJI सूर्यकांत ने कहा कि उन्हें रविवार को मुलाकात के लिए एक पत्र मिला था. उन्होंने उसी रात पत्र का जवाब देते हुए मुलाकात नहीं कर पाने की वजह स्पष्ट कर दी थी. उनके मुताबिक, जिन मुद्दों को लेकर विपक्षी नेता मिलना चाहते हैं, उनसे जुड़े मामले सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक स्तर पर विचाराधीन हैं. ऐसे मामलों में CJI के लिए अलग से राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करना उचित नहीं होगा.

'सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले'

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी आम नागरिक या निर्वाचित प्रतिनिधि की याचिका अदालत में आ सकती है और कानून के मुताबिक उसकी सुनवाई की जाएगी.


उन्होंने कहा कि हर भारतीय नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है. अदालत लोगों की चिंताओं को सुनेगी और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह राहत दी जाएगी.

राहुल गांधी और खड़गे ने मांगा था मिलने का समय

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने CJI सूर्यकांत से सोमवार शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था. दोनों नेता CJI को एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे. ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, देशभर में चल रहे SIR को रोकने और कथित ‘वोट चोरी’ को खत्म करने जैसे मुद्दे शामिल थे. विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को लेकर कई सवाल उठाए हैं.

सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की तैयारी

CJI से मुलाकात नहीं होने के बाद राहुल गांधी अब INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की तैयारी में हैं. विपक्षी नेता वहां अपना ज्ञापन सौंपने की कोशिश करेंगे. इस मार्च में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत अन्य विपक्षी नेताओं के शामिल होने की संभावना है.

राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो भी जारी किया था. इसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से डरने वाला नहीं है. राहुल गांधी ने दावा किया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया. उन्होंने कहा कि यह वह भारत नहीं है जिसे विपक्ष चाहता है. राहुल ने सोमवार के मार्च में विपक्षी दलों, नागरिक समाज संगठनों और लोकतंत्र व संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों के शामिल होने की अपील भी की.