पोर्ट करानी है SIM? बिना नंबर बदले हो जाएगा काम, जानें पूरा प्रोसेस
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की सुविधा के जरिए आप अपना पुराना नंबर रखते हुए दूसरी कंपनी का नेटवर्क चुन सकते हैं. इसके लिए कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे.
नई दिल्ली: अगर आपके मोबाइल में बार-बार नेटवर्क गायब हो जाता है या इंटरनेट की स्पीड स्लो रहती है, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप अपना मोबाइल नंबर बदले बिना दूसरी टेलीकॉम कंपनी की सर्विस इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आपको अपना सिम पोर्ट कराना होगा. मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की सुविधा के जरिए आप अपना पुराना नंबर रखते हुए दूसरी कंपनी का नेटवर्क चुन सकते हैं. इसके लिए कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे. आइए जानते हैं सिम पोर्ट कराने का पूरा तरीका, इसमें लगने वाला समय और फीस.
SIM पोर्ट कराने के लिए सबसे पहले क्या करें?
मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के लिए आपको यूनिक पोर्टिंग कोड (UPC) की जरूरत होती है. इसके लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे.
स्टेप 1: अपने मोबाइल नंबर से मैसेज भेजना है, जिसमें PORT लिखे, फिर स्पेस दें और अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर टाइप करें. अब इस मैसेज को 1900 पर भेज दें.
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स्टेप 2: SMS भेजने के बाद आपको 1901 नंबर से यूनिक पोर्टिंग कोड मिलेगा. इस कोड को संभालकर रखें, क्योंकि नई कंपनी में पोर्टिंग रिक्वेस्ट के दौरान इसकी जरूरत होगी.
स्टेप 3: अब जिस टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क इस्तेमाल करना चाहते हैं, उसके अधिकृत स्टोर या रिटेलर के पास जाएं. वहां आपको मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी फॉर्म भरना होगा.
स्टेप 4: पोर्टिंग फॉर्म के साथ UPC कोड जमा करें और जरूरी पहचान संबंधी जानकारी देकर KYC प्रक्रिया पूरी करें. अगर कंपनी पोर्टिंग शुल्क लेती है, तो उसका पेमेंट करें. रिक्वेस्ट के बाद आपको SMS के जरिए जानकारी मिल जाएगी.
स्टेप 5: पोर्टिंग रिक्वेस्ट एक्सेप्ट होने के बाद आपको एसएमएस से आगे की प्रक्रिया और पोर्टिंग की तारीख के बारे में जानकारी दी जाएगी. निर्धारित समय पर आपका नंबर नई कंपनी में ट्रांसफर हो जाएगा.
SIM पोर्ट कराने में कितने दिन लगते हैं?
आमतौर पर एक ही टेलीकॉम सर्किल में मोबाइल नंबर पोर्ट होने में 3 वर्किंग डे लग सकते हैं. दूसरे सर्किल में पोर्टिंग के लिए 5 वर्किंग डे तक का समय लग सकता है. जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ ईस्ट के कुछ क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 15 वर्किंग डे तक चल सकती है. पोर्टिंग पूरी होने के दौरान कुछ समय के लिए मोबाइल सेवाएं बंद रह सकती हैं. प्रोसेस पूरा होने पर पुराने सिम का नेटवर्क बंद हो जाएगा. इसके बाद नई कंपनी का सिम फोन में लगाकर उसका इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं.
SIM पोर्ट कराने की फीस कितनी है?
TRAI के नियमों के मुताबिक, नया ऑपरेटर हर पोर्टिंग रिक्वेस्ट पर मैक्सिमम 6.46 रुपये का शुल्क ले सकता है. हालांकि, नए सिम के शुरुआती रिचार्ज या अन्य सर्विसेज का खर्च अलग हो सकता है. इसलिए पोर्ट कराने से पहले संबंधित कंपनी से फीस और रिचार्ज की शर्तों की जानकारी जरूर लें.
क्या पोर्टिंग रिक्वेस्ट कैंसिल कर सकते हैं?
अगर आपने पोर्टिंग रिक्वेस्ट जमा कर दी है और बाद में फैसला बदल लेते हैं, तो निर्धारित नियमों के तहत इसे वापस लेने का विकल्प मौजूद है. इसके लिए अपने मौजूदा नंबर से CANCEL लिखें, स्पेस दें और अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर लिखकर 1900 पर SMS भेजें. यह प्रोसेस रिक्वेस्ट जमा करने के 24 घंटे के अंदर पूरी करनी होती है. ध्यान रखें कि पोर्टिंग शुल्क का पेमेंट किया गया है, तो रिक्वेस्ट रद्द करने पर उसका रिफंड नहीं मिलता.