Stock Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार! 4 दिन में निवेशकों के ₹20.79 लाख करोड़ डूबे

Stock Market Crash: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. चलिए जानते हैं शेयर बाजार गिरने के 5 बड़े कारण क्या हैं.

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Shilpa Srivastava

Stock Market Crash: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, महंगाई बढ़ने की आशंका और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के कारण निवेशक शेयर बेच रहे हैं. शुक्रवार को सेंसेक्स लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ. पिछले चार कारोबारी सत्रों में बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की मार्केट वैल्यू करीब 20.79 लाख करोड़ रुपये घट गई. इस हफ्ते सेंसेक्स में 1,600 से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज की गई.

सेंसेक्स 1,605 अंक टूटा, बाजार से लाखों करोड़ साफ:

शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 125.56 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ. इस हफ्ते 1,605.44 अंक यानी 2.15 प्रतिशत की गिरावट आई. 16 अक्टूबर को बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की मार्केट मैल्यू 4,72,62,167.42 करोड़ रुपये थी. चार कारोबारी सत्रों में यह घटकर 4,51,83,393.14 करोड़ रुपये रह गई. इस तरह कुल मार्केट वैल्यू में करीब 20.79 लाख करोड़ रुपये की कमी आई. मार्केट वैल्यू में गिरावट का मतलब है कि शेयरों की कीमत घटने से कंपनियों का कुल मूल्य कम हो गया. चलिए जानते हैं शेयर बाजार गिरने के 5 बड़े कारण क्या हैं.

शेयर बाजार गिरने के 5 बड़े कारण:

  1. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे हालात में निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बना सकते हैं.
  2. ब्रेंट क्रूड का भाव 116.73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है. तेल महंगा होने से इम्पोर्ट बिल बढ़ सकता है. साथ ही अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है.
  3. महंगे तेल से ट्रांसपोर्टेशन और प्रोडक्शन की लागत बढ़ सकती है. इसका असर कंपनियों के मुनाफे और आम लोगों के खर्च पर पड़ने की आशंका है.
  4. अमेरिका के शेयर बाजारों में गिरावट का असर दूसरे देशों के बाजारों पर भी पड़ सकता है. इससे भारतीय निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है.
  5. रुपये की गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार कम आकर्षक हो सकते हैं. इससे बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है.

अगले हफ्ते बाजार को किन बातों से मिलेगी दिशा?

आने वाले सप्ताह में कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे बाजार के लिए अहम रहेंगे. पेटीएम, टाटा कंज्यूमर, एलएंडटी, मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अदाणी पोर्ट्स, ट्रेंट, सन फार्मा और BEL जैसी कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी. अच्छे नतीजे संबंधित शेयरों को सहारा दे सकते हैं.


इसके अलावा, 27-28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेत भी बाजार को प्रभावित कर सकते हैं. जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रस्तावित लिस्टिंग को लेकर भी निवेशकों में दिलचस्पी रहेगी.

विदेशी निवेशकों की खरीदारी, रुपये की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करने में अहम होंगी. अगर पश्चिम एशिया में तनाव घटता है और तेल सस्ता होता है, तो बाजार को राहत मिल सकती है. वहीं, तनाव बढ़ने और तेल महंगा बने रहने पर दबाव जारी रह सकता है.