एक क्लिक और खाली हो सकता है बैंक खाता! फर्जी लिंक और ऐप पहचानने के आसान तरीके

ऑनलाइन शॉपिंग और ऐप डाउनलोड करते समय फर्जी वेबसाइट और नकली ऐप से सावधान रहना जरूरी है. वेबसाइट का URL, भाषा, संपर्क जानकारी और ऑफर की कीमत जांचें.

Pinterest
Km Jaya

ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान आकर्षक ऑफर देखकर खरीदारी करना या किसी काम के ऐप को डाउनलोड करना आम बात है. लेकिन इंटरनेट पर दिखने वाला हर ऑफर असली और हर ऐप सुरक्षित नहीं होता है. साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए असली कंपनियों जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट और ऐप का इस्तेमाल करते हैं. 

इनके जरिए बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और निजी जानकारी चुराने की कोशिश की जाती है. ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है. हालांकि, कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर ऑनलाइन धोखाधड़ी के जोखिम को कम किया जा सकता है.

वेबसाइट का लिंक ध्यान से जांचें

किसी भी वेबसाइट पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी भरने से पहले उसका URL जरूर चेक करें. ठग अक्सर असली ब्रांड के नाम में एक अक्षर बदलकर या अतिरिक्त शब्द जोड़कर फर्जी लिंक तैयार करते हैं. पहली नजर में ये लिंक असली वेबसाइट जैसे लग सकते हैं. इसलिए किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने के बजाय कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट खुद खोलना बेहतर है.


वेबसाइट की भाषा और डिजाइन पर ध्यान दें

फर्जी वेबसाइट पर गलत वर्तनी, खराब भाषा, धुंधली तस्वीरें या डिजाइन से जुड़ी गड़बड़ियां देखने को मिल सकती हैं. हालांकि, अच्छी डिजाइन वाली वेबसाइट भी फर्जी हो सकती है. इसलिए सिर्फ वेबसाइट की दिखावट के आधार पर उस पर भरोसा न करें.

जरूरत से ज्यादा सस्ते ऑफर से बचें

अगर किसी महंगे स्मार्टफोन या दूसरे प्रोडक्ट की कीमत अचानक बहुत कम दिखाई दे, तो खरीदारी करने से पहले उसकी जांच करें. ठग लोगों को जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए सीमित समय वाले ऑफर और काउंटडाउन दिखा सकते हैं. ऐसे संदेशों के दबाव में आकर पेमेंट करने से बचें. दूसरे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर कीमत की तुलना करना भी उपयोगी हो सकता है.

कंपनी की संपर्क जानकारी जांचें

वेबसाइट पर कंपनी का पता, ग्राहक सेवा की जानकारी और कारोबार से जुड़ी दूसरी जानकारियां देखें. अगर जरूरी संपर्क विवरण गायब हैं या दिए गए नंबर और पते की पुष्टि नहीं हो रही है, तो सावधान रहें. केवल ईमेल या वेबसाइट पर मौजूद संपर्क जानकारी को भरोसे का प्रमाण न मानें.

ऐप की परमिशन और रिव्यू जरूर देखें

किसी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी परमिशन की सूची जांचें. उदाहरण के लिए, अगर किसी सामान्य शॉपिंग ऐप को कॉन्टैक्ट्स, कॉल लॉग या दूसरी ऐसी जानकारी की जरूरत पड़ रही है, जिसका उसके काम से स्पष्ट संबंध नहीं है, तो सतर्क हो जाएं. ऐप के रिव्यू, डाउनलोड की संख्या और उसे उपलब्ध कराने वाले डेवलपर की जानकारी भी देखें. ध्यान रखें कि फर्जी ऐप पर नकली रिव्यू भी हो सकते हैं, इसलिए केवल अच्छी रेटिंग देखकर उसे सुरक्षित न मानें.

Google Play Protect को रखें चालू

Android फोन में Google Play Protect संभावित नुकसानदेह ऐप की जांच करने और उनके बारे में चेतावनी देने में मदद करता है. फोन की सुरक्षा सेटिंग में जाकर इसकी स्थिति जांचें और इसे चालू रखें. इसके अलावा, ऐप डाउनलोड करने के लिए आधिकारिक ऐप स्टोर का इस्तेमाल करें. फिर भी यह समझना जरूरी है कि आधिकारिक स्टोर पर मौजूद हर ऐप को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता.

ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें

किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, फाइल डाउनलोड करने या निजी जानकारी साझा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें. बैंकिंग पासवर्ड, OTP और कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें. किसी वेबसाइट या ऐप पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो उसका इस्तेमाल रोक दें.

अगर गलती से किसी फर्जी लिंक पर बैंकिंग जानकारी साझा कर दी है या आर्थिक धोखाधड़ी हो गई है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें. भारत में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in का इस्तेमाल किया जा सकता है. इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना सबसे जरूरी है. किसी भी ऑफर पर तुरंत भरोसा करने के बजाय वेबसाइट का लिंक, ऐप की परमिशन और डेवलपर की जानकारी जांचने की आदत आपको ऑनलाइन ठगी के जोखिम से बचाने में मदद कर सकती है.