लाखों जीमेल पासवर्ड लीक? गूगल ने दावे पर दिया रिएक्शन, समय रहते जान लें
गूगल ने जीमेल डेटा लीक की खबरों को झूठा बताया. कंपनी ने कहा, यूज़र्स का डेटा सुरक्षित है. गूगल ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए 2-स्टेप वेरिफिकेशन और पासकीज़ अपनाने की सलाह दी.
नई दिल्ली: हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि लाखों जीमेल अकाउंट्स हैक कर लिए गए हैं. इससे यूजर्स में घबराहट फैल गई थी. अब गूगल ने इस पर बड़ा बयान जारी किया है. कंपनी ने कहा कि यह खबरें पूरी तरह झूठी हैं. किसी तरह का कोई सुरक्षा उल्लंघन नहीं हुआ है. गूगल ने बताया कि यह भ्रम इन्फोस्टीलर डेटाबेस की गलतफहमी से उत्पन्न हुआ है. यानी किसी ने भी वास्तव में जीमेल को हैक नहीं किया.
गूगल ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक व्यक्ति, टूल या प्लेटफॉर्म पर लक्षित हमला नहीं है. कंपनी ने कहा कि जीमेल की सुरक्षा प्रणाली मजबूत है और यूजर्स को डरने की जरूरत नहीं है. साथ ही कंपनी ने दो-चरणीय सत्यापन (2SV) और पासकीज़ के उपयोग की सलाह दी है. यह कदम अकाउंट सुरक्षा को और मजबूत बनाता है और साइबर हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करता है.
क्या जीमेल अकाउंट्स वाकई हैक हुए थे?
नहीं. गूगल ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है. कंपनी ने कहा कि कोई डेटा उल्लंघन नहीं हुआ है और उपयोगकर्ता पूरी तरह सुरक्षित हैं. यह भ्रम “इन्फोस्टीलर” डेटाबेस की गलतफहमी से फैला, जिसमें इंटरनेट पर पहले से चोरी हुए पासवर्ड्स का संग्रह होता है.
गूगल ने क्या कहा अपने आधिकारिक बयान में?
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में गूगल ने लिखा, 'लाखों उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करने वाले Gmail सुरक्षा उल्लंघन की खबरें झूठी हैं.' कंपनी ने कहा कि Gmail की सुरक्षा मजबूत है और उपयोगकर्ताओं को किसी खतरे की चिंता नहीं करनी चाहिए.
'इन्फोस्टीलर डेटाबेस' क्या होता है?
इन्फोस्टीलर डेटाबेस उन पासवर्ड्स और ईमेल आईडी का संग्रह होता है, जो किसी और स्रोत से पहले ही लीक हो चुके होते हैं. यह जरूरी नहीं कि ये डेटा गूगल से ही लीक हुआ हो. इसलिए इस तरह की खबरें भ्रामक हैं.
क्या गूगल ने पहले भी ऐसा खंडन किया है?
हां. सितंबर 2025 में भी इसी तरह की फर्जी रिपोर्ट सामने आई थी. तब भी गूगल ने बयान जारी कर कहा था कि “जीमेल पर कोई बड़ा साइबर अटैक नहीं हुआ है.” कंपनी ने इसे “पूरी तरह से झूठा” बताया था.
गूगल यूजर्स को क्या सलाह दे रहा है?
कंपनी ने सभी यूजर्स से आग्रह किया है कि वे दो-चरणीय सत्यापन (2SV) को सक्षम करें. इसके साथ ही पासकीज़ का उपयोग करें, जो पासवर्ड का एक सुरक्षित विकल्प है. इससे किसी भी प्रकार की अनधिकृत लॉगिन कोशिशों को रोका जा सकता है.
पासकीज क्या हैं और ये कैसे काम करती हैं?
पासकी एक नया ऑथेंटिकेशन सिस्टम है, जिसमें पारंपरिक पासवर्ड की जगह आपके डिवाइस की बायोमेट्रिक या पिन का उपयोग होता है. इससे हैकर्स के लिए अकाउंट तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है.
गूगल सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाता है?
गूगल नियमित रूप से अपने प्लेटफॉर्म्स पर ओपन क्रेडेंशियल्स की जांच करता है. अगर कहीं पासवर्ड्स लीक पाए जाते हैं, तो कंपनी प्रभावित यूजर्स को अलर्ट भेजती है और उन्हें पासवर्ड रीसेट करने का सुझाव देती है.
क्या यूजर्स को चिंता करने की जरूरत है?
नहीं. गूगल ने साफ कहा है कि जीमेल यूजर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं. लेकिन सतर्क रहना जरूरी है. संदिग्ध ईमेल या लिंक्स पर क्लिक करने से बचें और सुरक्षा सेटिंग्स को नियमित रूप से अपडेट करते रहें.