FASTag Scam: गाड़ियों के लिए FASTag बेहद जरूरी है. इसे लेकर स्कैम भी हुआ था जिससे छुटकारा पाने के लिए सरकार ने One Vehicle One FASTag नियम शुरू कर दिया है. अब एक गाड़ी के लिए केवल एक ही FASTag रहेगा. एक स्कैम से तो सरकार ने निकाल लिया लेकिन एक और स्कैम ऐसा है जो आप पर ही भारी पड़ सकता है. कई बार लोग FASTag रिचार्ज करने के लिए गूगल पर सर्च करते हैं. बस यही सबसे बड़ी गलती बन जाती है.
हाल ही में एक मामला सामने आया है जिसमें महाराष्ट्र के नालासोपारा में रहने वाले एक व्यक्ति ने गूगल सर्च पर जाकर FASTag रिचार्ज सर्च किया और दिए गए स्टेप्स फॉलो किए. यह गलती व्यक्ति को भारी पड़ गई जिसके चलते उसके अकाउंट से 2.4 लाख रुपये निकल गए. आपके साथ ऐसा न तो इसके लिए हम आपको इससे बचने का तरीका बता रहे हैं.
ऐसे होता है स्कैम:
इस व्यक्ति ने गूगल पर FASTag रिचार्ज सर्च किया और यहां से उसे कस्टमर केयर का नंबर मिला. व्यक्ति ने उस नंबर पर कॉल किया और कॉल सीधा स्कैमर के पास गई. कॉल पर स्कैमर ने खुद को FasTag का कस्टमर एग्जिक्यूटिव बताया.
व्यक्ति ने स्कैमर की बात पर यकीन कर लिया और उसे एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा. यह एक रिमोट कंट्रोल ऐप था. इस ऐप की मदद से स्कैमर ने व्यक्ति के अकाउंट से 6 ट्रांजेक्शन किए और 2.4 लाख रुपये निकाल लिए. इसके बाद से स्कैमर का नंबर बंद है. इस तरह के स्कैम से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए ये हम आपको यहां बता रहे हैं.
FASTag स्कैम से कैसे बचें:
अगर आपको किसी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर चाहिए तो आपको उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा.
किसी भी कस्टमर केयर नंबर के लिए गूगल सर्च करना आपको भारी नुकसान पहुंचा सकता है. अगर कोई आपसे किसी ऐप को डाउनलोड करने के लिए कहता है तो आपको यह नहीं करना है.
किसी के भी साथ अपने बैंक की डिटेल्स शेयर न करें.