लोगों को 'सुपरमैन' बनाएंगे एलन मस्क, ब्रेन चिप से करेंगे कमाल, आखिर होता क्या है न्यूरालिंक ब्रेन इंप्लांट?
Elon Musk Neuralink Brain Implant: मस्क के न्यूरालिंक ब्रेन चिप का पहला इम्प्लांट सफल रहा था और अब कंपनी दूसरा इम्प्लांट करने जा रही है. इसके लिए मस्क और न्यूरालिंक टीम ने ब्रेन इम्प्लांट को लेकर एक लाइव स्ट्रीमिंग की थी. इस दौरान मस्क ने क्या कुछ कहा, चलिए जानते हैं यहां.

Elon Musk Neuralink Brain Implant: टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने न्यूरालिंक के दूसरे ब्रेन इम्प्लांट की बात कही है. मस्क ने कहा है कि कंपनी अपने दूसरे टेस्ट पेशेंट के साथ आगे बढ़ रही है और उसके दिमाग को कंप्यूटर के साथ कनेक्ट करने जा रही है. X पर लाइव स्ट्रीम के दौरान, मस्क और न्यूरालिंक टीम ने ब्रेन इम्प्लांट को लेकर कई सवालों के जवाब दिए. मस्क ने कहा, "हम अभी अपने दूसरे न्यूरालिंक पेशेंट की तरफ बढ़ रहे हैं."
जनवरी में, न्यूरालिंक ने नोलैंड आर्बॉग के ब्रेन में सफलतापूर्वक चिप इम्प्लांट की गई थी. आर्बॉग के साथ 8 साल पहले एक हादसा हुआ था जिसके बाद उनके कंधे से नीचे का हिस्सा पैरालाइज हो गया था. हालांकि, इम्प्लांट के बाद आर्बॉग ने चेस खेलना, वीडियो गेम सिविलाइजेशन खेलना और अपने ब्रेन से कंप्यूटर स्क्रीन कर्सर को कंट्रोल करने जैसे काम किए. उन्होंने जैपनीज और फ्रेंच सीखना भी शुरू कर दिया है.
आर्बॉग की चिप के साथ समस्या:
आर्बॉग के साथ न्यूरालिंक टीम को समस्या आ रही है जिसमें आर्बॉग की अपने दिमाग से कंप्यूटर कर्सर को कंट्रोल करने की कैपेबिलटी कम हो गई है. यह समस्या इसलिए आ रही है क्योंकि इनके दिमाग में इंप्लांट के दौरान जो थ्रेड्स कनेक्ट किए गए थे वो रिट्रैक्ट होने लगे हैं. हालांकि, मस्क ने ब्रेन इंप्लांट पर जोर देते हुए कहा है कि अब यह प्रोसेस यहां से और भी बेहतर होने जा रहा है.
किसी भी तरह की समस्या को खत्म करने के लिए कंपनी अब रिस्ट मिटीगेशन स्ट्रैटजी ला रही है जिसमें पेशेंट में नॉर्मल ब्लड कार्बन डायऑक्साइज होना जरूरी होगा. आने वाले समय में जो भी इम्प्लांट किए जाएंगे उनमें स्कल की सतह को अच्छे से ढूंढ जाएगा जिससे इम्प्लांट के दौरान कम जगह रह पाए. इससे यह चिप ब्रेन के पास रहेगी और थ्रेड्स की परेशानी को दूर करेगी.
क्या है मस्क कहना:
मस्क ने कहा है कि हम लोगों को सुपरपावर देना चाहते हैं. इससे मानव कुछ भी आसानी से कर पाएगा. मसक् ने न्यूरालिंक के सर्जरी रोबोट के लिए एक ऑटोमैटिक प्रोसेस डेवलप करने पर बात की है जिससे अगर कोई फ्यूचर में अपग्रेड करना चाहें तो आसानी से किया जा सके.