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अब इंसान नहीं, रोबोट होंगे प्रग्नेंट! ये कंपनी कर रही नई तकनीक पर काम

Pregnant Robots: चीनी टेक्नोलॉजी कंपनी एक बेहद अनोखी चीज पर काम कर रही है, जिसमें रोबोट प्रेग्नेंट हो सकते हैं. इसका मतलब है कि यह रोबोट प्रेग्नेंट महिला की तरह ही रिएक्ट करने के लिए डिजाइन किया जाएगा.

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Edited By: Shilpa Srivastava
Pregnant Robots

Pregnant Robots: जरा सोचिए, अगर रोबोट भी प्रेग्नेंट होने लगे तो क्या होगा? अभी ऐसा नहीं है लेकिन अगले 1 साल में ऐसा हो सकता है. बता दें कि एक चीनी टेक्नोलॉजी कंपनी एक बेहद अनोखी चीज पर काम कर रही है, जिसमें रोबोट प्रेग्नेंट हो सकते हैं. इसका मतलब है कि यह रोबोट प्रेग्नेंट महिला की तरह ही रिएक्ट करने के लिए डिजाइन किया जाएगा. यह आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) या सरोगेट मदर जैसा नहीं होगा. बल्कि यह रोबोट मशीन के अंदर ही गर्भ जैसा एनवायरोमेंट बनाएगा और प्रेग्नेंसी से लेकर जन्म तक बच्चे को अपने साथ रखेगा. 

कंपनी इस रोबोट को एक साल के अंदर लॉन्च करने का प्लान कर रही है. इसकी कीमत 100,000 युआन (करीब 13,900 अमेरिकी डॉलर) से कम होगी. भारतीय कीमत के अनुसार, यह 1220974 रुपये से कम होगी. 

लोगों की मदद करने के लिए नई टेक्नोलॉजी:

चीन की ग्वांगझू स्थित काइवा टेक्नोलॉजी कंपनी इस पर काम कर रही है. कंपनी के संस्थापक, झांग किफेंग का कहना है कि उनका उद्देश्य उन लोगों की मदद करना है, जो बच्चा तो चाहते हैं लेकिन खुद प्रेग्नेंट नहीं होना चाहते हैं. झांग ने सिंगापुर के नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है और उन्हें कई तरह के रोबोट बनाने का एक्सपीरियंस है. 

अलग-अलग लोग और अलग-अलग मत:

जैसे ही प्रेगनेंसी रोबोट की खबर सामने आई, तो इसने सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करना शुरू किया. कुछ लोग इस इनवेंशन को लेकर काफी उत्साहित हैं. उनका मानना है कि इससे महिलाओं को बिना किसी फिजिकल स्ट्रेस के प्रेग्नेंसी में मदद मिलेगी. हालांकि, सभी इससे सहमत नहीं हैं. कुछ लोगों का कहना है कि इससे कानूनी और नैतिक सवाल उठते हैं. उदाहरण के लिए, अगर कोई रोबोट बच्चे को जन्म देता है, तो असली मां किसे माना जाएगा? इसके अलावा, कुछ लोगों का तर्क है कि बड़ा मुद्दा गर्भावस्था नहीं, बल्कि बच्चे के पालन-पोषण की ज्यादा लागत है. 

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि रोबोट प्रेग्नेंसी की नकल जरूर कर सकता है लेकिन वो नैचुरल हार्मोन, इमोशनल कनेक्ट और इम्यूनिटी की जगह नहीं ले सकती है. यह तकनीक में एक बड़ा कदम साबित होगी लेकिन यह अभी तक पूरी तरह से ह्यूमन प्रेग्नेंसी की जगह नहीं ले पाया है.