नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दुनिया में काम करने के तरीके बदल रहा है. इससे कई काम आसान हो रहे हैं, लेकिन नौकरियों पर भी खतरा बढ़ रहा है. खास बात यह है कि इस बदलाव का असर महिलाओं पर ज्यादा पड़ सकता है. ऑफिस में फाइलें संभालने, रिकॉर्ड रखने, डाटा एंट्री और दूसरे कामों में बड़ी संख्या में महिलाएं काम करती हैं. अब AI इनमें से कई काम खुद कर सकता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में महिलाओं के लिए नौकरी पाना और उसे बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा?
इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) की एक रिसर्च के मुताबिक, ज्यादा आय वाले देशों में लगभग हर 10 में से 1 महिला ऐसे काम में लगी है, जहां AI के कारण नौकरी प्रभावित होने का खतरा ज्यादा है. सेक्रेटरी, क्लर्क और ऑफिस असिस्टेंट जैसे पदों पर महिलाएं बड़ी संख्या में काम करती हैं. इन नौकरियों में जानकारी दर्ज करना, डॉक्यूमेंट तैयार करना और रिकॉर्ड संभालना शामिल है. AI इन कामों को तेजी से और कम खर्च में कर सकता है. यही वजह है कि इन पदों पर काम करने वाले लोगों की जरूरत घट सकती है.
AI के कारण नौकरी जाने का खतरा केवल बेरोजगारी तक सीमित नहीं है. कई बार लोगों को मजबूरी में कम वेतन वाली नौकरी करनी पड़ती है. कुछ लोगों को अपना पूरा करियर ही बदलना पड़ सकता है. अर्थशास्त्री डेविड ऑटर के अनुसार, ज्यादातर लोग अपने करियर में एक खास तरह का अनुभव हासिल करते हैं. अचानक उस काम की जरूरत कम होने पर उनके लिए समान वेतन वाली दूसरी नौकरी ढूंढना मुश्किल हो सकता है. इसका असर उन महिलाओं पर ज्यादा पड़ सकता है, जिन्होंने लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में काम किया है.
अमेरिका में 1940 के दशक के दौरान टेलीफोन ऑपरेटरों के ज्यादातर पदों पर महिलाएं काम करती थीं. इस नौकरी के लिए विशेष प्रशिक्षण और तेजी से काम करने की जरूरत होती थी. लेकिन जब ऑटोमेटेड टेलीफोन सिस्टम आए, तो ऑपरेटरों की जरूरत घटने लगी.
एक रिसर्च के अनुसार, तकनीकी बदलाव के कारण लगभग 75 हजार ऑपरेटरों की नौकरियां खत्म हो गईं. कई अनुभवी महिलाओं को कम वेतन वाले काम करने पड़े. वहीं, युवा महिलाओं ने नए कौशल सीखकर दूसरे क्षेत्रों में अवसर तलाशे. यह बताता है कि तकनीक से नई नौकरियां तो पैदा हो सकती हैं, लेकिन पुरानी नौकरी करने वाले हर व्यक्ति को उनका फायदा तुरंत नहीं मिलता.
AI कुछ पुराने काम खत्म कर सकता है, लेकिन इससे नए रोजगार के अवसर भी बन सकते हैं. हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नई नौकरियां उन लोगों को मिल पाएंगी, जिनका पुराना काम खत्म हो गया है. एक रिसर्च में पाया गया कि ऑफिस के कामों में नए सॉफ्टवेयर अपनाने वाली कंपनियों में कुछ नौकरियां घटीं, जबकि कॉलेज से पढ़े कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी देखी गई.