आज से बढ़ जाएंगे एसी और फ्रिज के रेट, जानें अब कितने में खरीद पाएंगे? जानें कारण

1 जनवरी 2026 से एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर समेत कूलिंग अप्लायंसेज की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है. चलिए जानते हैं सारी डिटेल्स.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: रूम एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर जैसे कूलिंग अप्लायंसेज की कीमतों में बढ़ोतरी की की जाएगी. 1 जनवरी, 2026 से इन प्रोडक्ट्स की कीमतें 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी. यह बढ़ोतरी इसलिए की गई है, क्योंकि BEE एक नया और सख्त स्टार रेटिंग सिस्टम ला रहा है. स्टार रेटिंग लोगों को यह समझने में मदद करती है कि कोई अप्लायंसेज कितनी बिजली खर्च करता है.

इन नियमों के साथ कंपनियों को बेहतर और ज्यादा एफिशिएंट प्रोडक्ट बनाने पड़ रहे हैं. इन्हें बनाने में ज्यादा पैसा खर्च होता है. बता दें कि ससे पहले, सितंबर 2025 में सरकार ने रूम एयर कंडीशनर पर 10% जीएसटी कम कर दी थी. इन टैक्स कटौती के चलते AC की कीमतें कम कर दी गई हैं. इससे यह सस्ते हो गए हैं. 

मैन्युफैक्चरर्स को झेलनी पड़ेगी परेशानी:

नए एनर्जी नियमों के अलावा, मैन्युफैक्चरर्स को दूसरी समस्याओं को भी झेलना पड़ रहा है. भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले के मुकाबले कमजोर हो गया है. इससे इम्पोर्टेड पार्ट्स महंगे हो गए हैं. सिर्फ यही हनीं, कॉपर कॉस्ट भी दुनियाभर में बढ़ गई है. AC और रेफ्रिजरेटर में कॉपर का इस्तेमाल काफी जरूरी होता है. इनके चलते कूलिंग अप्लायंसेज बनाने की लागत बढ़ गई है, जिससे कंपनियों पर दबाव पड़ रहा है.

इनके बावजूद, वोल्टास, डाइकिन, ब्लू स्टार और गोदरेज अप्लायंसेज जैसी बड़ी कंपनियां ज्यादा परेशान हैं. उनका मानना है कि इन एनर्जी नियम बिजली के इस्तेमाल को कम करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेंगे. बदले हुए सिस्टम के तहत, मौजूदा स्टार रेटिंग को डाउनग्रेड किया जाएगा. 2025 में बेचा गया 5 स्टार AC 2026 में 4 स्टार बन जाएगा. इसी तरह, आज का 4 स्टार 3 स्टार बन जाएगा और 3 स्टार और 2 स्टार बन जाएगा. 

टेलिविजन पर भी बढ़ जाएगी कीमत:

एसी के अलावा आज से टेलीविजन, LPG गैस स्टोव, कूलिंग टावर और चिलर जैसे दूसरे अप्लायंसेज की कीमत भी बढ़ जाएगी. इनके लिए स्टार लेबलिंग जरूरी हो जाएगी. इससे कस्टमर्स को बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिलेगी और सभी प्रोडक्ट्स में स्टैंडर्ड क्वालिटी पक्का होगी. नए 5 स्टार स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए, कंपनियां एडवांस्ड और महंगे कंपोनेंट्स का इस्तेमाल कर रही हैं, जो कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण है.