‘जंगल बचेंगे तो बाघ बचेंगे’, विश्व बाघ दिवस पर CM धामी का बड़ा संदेश, प्लास्टिक के खिलाफ छेड़ी मुहिम
विश्व बाघ दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है.
देहरादून में विश्व बाघ दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यावरण संरक्षण और बाघों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए. उन्होंने सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रभावी रोक लगाने और समाज की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया.
बाघ संरक्षण और पर्यावरण पर मुख्यमंत्री का संदेश
विश्व बाघ दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि देश की समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण प्रतीक हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे तो बाघ भी सुरक्षित रहेंगे और प्राकृतिक संतुलन बना रहेगा.
इस दौरान उन्होंने बाघ संरक्षण पर आधारित चित्रों और पोस्टकार्ड का विमोचन किया. साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान साहसिक कार्य करने वाले लोगों और संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित भी किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति की रक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का साझा दायित्व है.
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सिंगल-यूज प्लास्टिक पर सख्ती की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल-यूज प्लास्टिक पर्यावरण, नदियों, मिट्टी, जल स्रोतों और वन्यजीवों के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है. उन्होंने बताया कि जंगलों में फेंका गया प्लास्टिक कई बार वन्यजीवों के भोजन का हिस्सा बन जाता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रतिबंध को केवल कानून के सहारे नहीं, बल्कि जनजागरूकता और जनसहयोग से प्रभावी बनाया जा सकता है. इसके लिए लोगों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और व्यवहार में बदलाव लाना होगा.
सरकार चला रही विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए लगातार निरीक्षण, प्रवर्तन और जनजागरूकता अभियान चला रही है. चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं. इसके साथ ही प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और रीसाइक्लिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यावरण पर इसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सके. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना है.
जनभागीदारी को बताया सबसे बड़ा हथियार
मुख्यमंत्री धामी ने लोगों से कपड़े के थैले, जूट और अन्य पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की. उन्होंने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से भी प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक या अन्य प्रकार का कचरा न फैलाने का आग्रह किया. उद्योग जगत से इको-फ्रेंडली पैकेजिंग अपनाने और युवाओं से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं तथा सामाजिक संगठनों के माध्यम से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक भागीदारी ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकती है.