उत्तराखंड के सभी जिलों में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है. मौसम विभाग के मुताबिक आज भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट है. ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.
चमोली के गोपेश्वर में शनिवार को करीब एक घंटे हुई तेज बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया. बारिश के बाद सड़कों पर पानी तेज बहाव के साथ दौड़ने लगा. कई स्थानों पर सड़कें गदेरों में बदल गईं और दुकानों व होटलों में गंदा पानी घुस गया. देहरादून में भी बारिश के दौरान एक स्विगी डिलीवरी कर्मचारी नाले के तेज बहाव में बह गया. कैनाल रोड लेन नंबर चार के स्थानीय लोगों ने नाले में उतरकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला. लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर उसकी बाइक को भी बाहर निकाला. नैनीताल जिले के रामनगर में शनिवार सुबह टेढ़ा रोड-पाटकोट मार्ग पर नाला उफान पर आ गया. इसके कारण रास्ते में पानी भर गया और करीब दो घंटे तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही. जलस्तर कम होने के बाद यातायात सामान्य हो सका.
31 अगस्त
देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली और रुद्रप्रयाग में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. पूरे प्रदेश में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तेज बारिश के दौर की संभावना है.
1 सितंबर
देहरादून और टिहरी में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है.
2 सितंबर
देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है. अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है.
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके साथ मानसून ट्रफ और उत्तर पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं. इन तीनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से उत्तराखंड में आने वाले दिनों में बारिश और तेज होने की संभावना है.