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भीषण बारिश, लैंडस्लाइड और सड़कें बदहाल... पहाड़ों में मानसून का कहर! पिछले 48 घंटे में हुई 18 मौतें

उत्तराखंड में पिछले 48 घंटों के दौरान खराब मौसम, बिजली गिरने, सड़क दुर्घटनाओं में 18 लोगों की मौत हो गई है. चारधाम और आदि कैलाश यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं.

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Babli Rautela

उत्तराखंड में पिछले दो दिनों के दौरान मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है. आंधी, तूफान, बिजली गिरने, सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं में 18 लोगों की जान चली गई. राज्य के कई हिस्सों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं और प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है. इस समय चारधाम यात्रा और आदि कैलाश यात्रा के लिए हजारों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचे हुए हैं. ऐसे में खराब मौसम ने यात्रियों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है.

तुंगनाथ में दिल दहला देने वाली घटना

सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक तुंगनाथ और चोपटा क्षेत्र में सामने आई है. यहां अचानक आए भीषण तूफान ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. इस हादसे में लखनऊ के रहने वाले 2 भाइयों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ हालात बेहद खतरनाक हो गए. अचानक मौसम बिगड़ने के कारण तुंगनाथ और चंद्रशिला क्षेत्र में कई पर्यटक और श्रद्धालु फंस गए. बचाव अभियान में कई लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया.

बिजली गिरने से भी लोग घायल

खराब मौसम के दौरान चंद्रशिला और तुंगनाथ क्षेत्र में बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं. इन घटनाओं में एक महिला सहित 2 लोग घायल हो गए. घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए. यमुनोत्री धाम यात्रा के दौरान भी एक दुखद घटना सामने आई. मध्य प्रदेश के 61 साल के हरिमोहन अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे लेकिन रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद इस यात्रा सीजन में यमुनोत्री मार्ग पर जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 14 हो गई है.

आदि कैलाश यात्रा में भी मौत

गुजरात के राजकोट निवासी 76 साल के मनसुख गिरी की आदि कैलाश यात्रा के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. यात्रा के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके.