देहरादून में एक राजकीय कार्यक्रम के दौरान ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा अधिकारियों को संबोधित करने पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कार्यक्रम खत्म होने के बाद कुछ ऐसा किया, जिसने लोगों का दिल जीत लिया. कार्यक्रम की औपचारिकताओं के बीच उपराष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल से ज्यादा इंसानी संवेदना को महत्व दिया. उन्होंने मंच से नीचे उतरकर व्हीलचेयर पर बैठे अकादमी के अपर प्रोफेसर प्रशांत ढांडा के पास जाकर उनके साथ तस्वीर खिंचवाई. यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद खास बन गया.
प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों और अकादमी के फैकल्टी सदस्यों के साथ उपराष्ट्रपति की ग्रुप फोटो प्रस्तावित थी. संबोधन कार्यक्रम खत्म होने के बाद शाम करीब पांच बजे फोटो सेशन होना था. इसी बीच देहरादून में बारिश शुरू हो गई. उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम पहले से काफी व्यस्त था. ऐसे में बारिश को देखते हुए ग्रुप फोटो को टालने पर विचार किया गया. लेकिन उपराष्ट्रपति ने इसे टालने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि ग्रुप फोटो सिर्फ एक तस्वीर नहीं होती, बल्कि ऐसा पल होती है जिसे लोग लंबे समय तक याद रखते हैं. इसके बाद खुले स्थान के बजाय ऑडिटोरियम में फोटो सेशन कराने का फैसला लिया गया.
ऑडिटोरियम में प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों, अन्य प्रशिक्षणार्थियों और फैकल्टी सदस्यों समेत करीब 200 लोग मौजूद थे. इतनी बड़ी संख्या में सभी लोगों के साथ एक ही तस्वीर लेना आसान नहीं था. इसलिए अलग अलग बैच बनाकर फोटो सेशन शुरू किया गया. उपराष्ट्रपति ने करीब आधे घंटे तक धैर्य के साथ सभी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं. कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यह पहले से ही एक यादगार अनुभव था. लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने इस पूरे आयोजन को और खास बना दिया.
फोटो सेशन के दौरान उपराष्ट्रपति की नजर मंच के नीचे व्हीलचेयर पर बैठे एक व्यक्ति पर गई. वह मंच पर नहीं आ पाए थे. उपराष्ट्रपति ने उनके बारे में जानकारी ली तो पता चला कि वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के अपर प्रोफेसर प्रशांत ढांडा हैं. बताया गया कि कुछ वर्ष पहले हुई एक दुर्घटना के बाद से वह खड़े होने में असमर्थ हैं. यह जानकारी मिलने के बाद उपराष्ट्रपति ने बिना किसी औपचारिकता के उनके पास जाने का फैसला किया.
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन खुद मंच से नीचे उतरे और व्हीलचेयर पर बैठे प्रोफेसर प्रशांत ढांडा के पास पहुंचे. इसके बाद उन्होंने उनके साथ अलग से तस्वीर खिंचवाई. यह छोटा सा कदम वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक पल बन गया. करीब 200 लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाने के बावजूद प्रोफेसर के पास खुद जाकर फोटो खिंचवाना कार्यक्रम की सबसे यादगार तस्वीरों में शामिल हो गया.