उत्तराखंड में फिर बिगड़ेगा मौसम, 5 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट; भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में बारिश का दौर एक बार फिर तेज होने वाला है. मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है.
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है. प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है.
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है. कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने राज्यभर में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ बारिश के तेज दौर की संभावना जताई है.
नैनीताल समेत कई इलाकों में छाए रहेंगे बादल
देहरादून और नैनीताल में बुधवार को बारिश हुई, जबकि अल्मोड़ा तथा रुद्रप्रयाग की केदारघाटी में सुबह के वक्त धुंध का असर देखने को मिला. आने वाले समय में नैनीताल, भीमताल, भवाली और मुक्तेश्वर में बादल और कोहरे की स्थिति बन सकती है. इन इलाकों में तेज बारिश होने की भी संभावना है.
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दूसरी ओर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया है. ऐसे में पर्वतीय सड़कों से गुजरने वाले लोगों को मौसम और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर यात्रा करने की सलाह दी गई है.
11 सितंबर को सात जिलों में भारी बारिश
11 सितंबर को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश के तेज से बहुत तेज दौर की स्थिति बन सकती है.
12 सितंबर को तीन जिलों पर ज्यादा असर
12 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर और उत्तरकाशी में भारी बारिश का अनुमान है. इन जिलों में यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा. राज्य के अन्य हिस्सों में भी गरज के साथ बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना बनी रहेगी. कुछ स्थानों पर बारिश का दौर काफी तीव्र हो सकता है.
13 सितंबर को बागेश्वर-पिथौरागढ़ में अलर्ट
13 सितंबर को बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश होने की आशंका है. पर्वतीय क्षेत्रों में बिजली चमकने के साथ तेज बारिश हो सकती है. वहीं मैदानी इलाकों में भी कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है. लगातार बदलते मौसम को देखते हुए संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है.