देहरादून: उत्तराखंड में जनवरी के ठंडे दिनों के बीच मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है. राज्य के मैदानी और पर्वतीय इलाकों में शुष्क मौसम के चलते दिन में धूप तेज हो गई है, जिससे तापमान सामान्य से ऊपर चला गया है. खासकर देहरादून में गर्माहट का अहसास होने लगा है. हालांकि, सुबह और शाम की ठंड अब भी बनी हुई है. मौसम विभाग के अनुसार, यह शुष्क दौर ज्यादा लंबा नहीं रहेगा.
प्रदेश में बीते कुछ दिनों से मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है. इसका सीधा असर अधिकतम और न्यूनतम तापमान पर पड़ा है. दिन के समय तेज धूप निकलने से मैदानी इलाकों में गर्मी महसूस की जा रही है. पर्वतीय क्षेत्रों में भी दिन में हल्की गर्माहट देखी जा रही है, जबकि रात के समय ठंड का असर बना हुआ है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, फिलहाल प्रदेशभर में बारिश की कोई संभावना नहीं है.
राजधानी देहरादून में मंगलवार को अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब साढ़े छह डिग्री अधिक है. वहीं, न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से थोड़ा ज्यादा है. चटक धूप के कारण दिन में हल्की गर्मी महसूस हुई, हालांकि सुबह और शाम के समय ठिठुरन बरकरार रही. तापमान में यह बढ़ोतरी लोगों को साफ तौर पर महसूस हो रही है.
उधम सिंह नगर में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री और न्यूनतम 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से ऊपर रहा. मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 15.5 और न्यूनतम 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. नई टिहरी में अधिकतम तापमान 15.1 और न्यूनतम 3.3 डिग्री सेल्सियस रहा. इन आंकड़ों से साफ है कि ठंड का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है.
मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है. हालांकि, ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं पाला पड़ने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. किसानों और बागवानी से जुड़े लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि पाले का असर फसलों और पौधों पर पड़ सकता है, खासकर रात और सुबह के समय.
गुरुवार से पहाड़ी जिलों में मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, देहरादून, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. 2800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है. हालांकि, मैदानी जिलों में मौसम शुष्क बना रहने का अनुमान है.