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उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी; जानें अपडेट

उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने, ओलावृष्टि और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है.

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Edited By: Shanu Sharma
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी; जानें अपडेट
Courtesy: ANI

उत्तराखंड में मानसून के आगमन से पहले मौसम लगातार करवट बदल रहा है. राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में अलग-अलग मौसमीय परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं. मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कई पर्वतीय जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. 

विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में बिजली चमकने, ओलावृष्टि और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. इसके अलावा देहरादून, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के भी आसार हैं. 

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है. जून महीने में ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की संभावना पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है. हालांकि विभाग ने खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में गिरावट और नमी की उपलब्धता के कारण बर्फबारी जैसी परिस्थितियां बन रही हैं. इससे ग्लेशियर क्षेत्रों और ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं में मौसम और अधिक ठंडा हो सकता है.

देहरादून में दिनभर गर्मी, शाम को बारिश से राहत

राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को सुबह से ही तेज धूप खिली रही. इसके कारण दिन के तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई. देहरादून का अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस बढ़कर 36.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. हालांकि शाम के समय शहर के कुछ हिस्सों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई. इसके बावजूद कई इलाकों में उमसभरी गर्मी का असर बना रहा, जिससे लोगों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. 

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में 24 जून तक मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप बना रह सकता है. मानसून सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं. इसके साथ ही जलभराव की समस्या से निपटने के लिए डी-वाटरिंग पंपों की तैनाती, आपदा प्रबंधन संसाधनों की उपलब्धता और राहत कार्यों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई.