उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर चलाए जा रहे ‘विरासत अभियान’ से संपत्ति और उत्तराधिकार से जुड़े नामांतरण मामलों के निपटारे में तेजी आई है. इसका उद्देश्य लोगों को राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से बचाना और सरकारी सेवाओं को आसान बनाना है.
17 अक्टूबर 2026 को आयोजित ‘म्यूटेशन डे’ के आंकड़ों के अनुसार, राजस्व संहिता की धारा 34 के तहत 9,244 मामले दर्ज किए गए थे. इनमें से 3,835 मामलों का निपटारा किया जा चुका है.
वहीं, धारा 33ए के तहत दर्ज 1,160 मामलों में से 1,108 का समाधान किया गया. दोनों धाराओं को मिलाकर कुल 10,404 मामले सामने आए, जिनमें से 4,943 का निस्तारण हो चुका है. शेष मामलों पर कार्रवाई जारी है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और उनका जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जाए. उनका कहना है कि आम जनता को सरकारी सेवाएं पारदर्शी तरीके से और तय समय पर मिलनी चाहिए.
सरकार का कहना है कि विरासत अभियान से संपत्ति के नामांतरण की प्रक्रिया आसान बनाने और लोगों की परेशानी कम करने में मदद मिल रही है. अभियान के जरिए राजस्व प्रशासन के कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने पर भी जोर दिया जा रहा है.