गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 231 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इनमें 122 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली झील प्रमुख है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इससे क्षेत्र में पानी की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी. उन्होंने पुलिसकर्मियों और पत्रकारों के लिए आवास बनाने की घोषणा भी की.
लैंड बैंक को लेकर उठ रहे सवालों पर धामी ने कहा कि फिलहाल जमीनों को चिह्नित किया गया है. इनका इस्तेमाल वेलनेस सेंटर, आयुर्वेद और रिसॉर्ट जैसी परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है. उनके अनुसार, इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस योजना से राज्य के हितों और सरकारी खजाने को कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने किसाऊ बांध परियोजना को राष्ट्रीय महत्व की योजना बताया. उन्होंने कहा कि 3,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इस परियोजना को लेकर पांच राज्यों के बीच समझौता हुआ है. उनके मुताबिक, इससे बनने वाली बिजली का लाभ उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को मिलेगा.
धामी ने कहा कि पानी का इस्तेमाल करने वाले अन्य राज्य परियोजना की लागत में योगदान देंगे और उत्तराखंड को 50 साल के लिए ब्याज-मुक्त ऋण मिलेगा. परियोजना से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद फैसला लिया जाएगा.
समान नागरिक संहिता (UCC) का जिक्र करते हुए धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने दृष्टि-पत्र में किया गया वादा पूरा किया है. उन्होंने उत्तराखंड को UCC लागू करने वाला देश का पहला राज्य बताया. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इससे महिलाओं को बाल विवाह और बहुविवाह जैसी प्रथाओं से सुरक्षा मिलेगी. उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना भी की.
धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने धर्मांतरण, दंगों और कथित ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं. उनके अनुसार, लगभग 13 हजार एकड़ सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है. उन्होंने कहा कि गरीबों को उजाड़ना सरकार का उद्देश्य नहीं है, लेकिन अवैध कब्जों पर कार्रवाई जरूरी है.
मुख्यमंत्री ने मदरसों को लेकर भी कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले 250 से अधिक मदरसे बंद कराए गए हैं. उन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों पर पिछली कांग्रेस सरकार की नीतियों की आलोचना की.
विपक्ष की ओर से लगाए गए 210 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों पर धामी ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक साथ रहने के दौरान कोई आपत्ति नहीं जताई गई, लेकिन बाद में आरोप लगाए गए. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा.