उत्तराखंड सरकार का क्रांतिकारी कदम, सार्वजनिक पानी डिस्पेंसरों के लिए जल्द लागू होगा जल गुणवत्ता सूचकांक
Water Quality Index: इस पहल से यात्रियों का पानी के सार्वजनिक डिस्पेंसरों पर विश्वास बढ़ेगा और प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण होगा.
Water Quality Index: उत्तराखंड सरकार ने पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर बोतलों की बिक्री को हतोत्साहित करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. राज्य में जल्द ही सार्वजनिक पानी डिस्पेंसरों के लिए वाटर क्वालिटी इंडेक्स (WQI) लॉन्च किया जाएगा, जो एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की तर्ज पर काम करेगा. इस पहल से यात्रियों का विश्वास बढ़ेगा और प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण होगा.
पानी की क्वालिटी की रियल टाइम जानकारी देगा WQI डिवाइस
आईटी और शहरी विकास विभाग के सचिव नितीश कुमार झा ने बताया कि यह परियोजना यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (UPES), देहरादून के सहयोग से विकसित की जा रही है. WQI मापक उपकरण सार्वजनिक डिस्पेंसरों पर लगाया जाएगा, जो TDS लेवल, पीएच मान और अन्य महत्वपूर्ण पैरामीटर्स की रीयल-टाइम जानकारी प्रदर्शित करेगा. झा ने कहा, "यात्रा के दौरान लोग बोतलबंद पानी पर भरोसा करते हैं क्योंकि सार्वजनिक डिस्पेंसरों की गुणवत्ता पर संदेह होता है. यह डिवाइस पारदर्शिता लाकर भरोसा बहाल करेगी."
चार धाम मार्ग से शुरू होगी योजना, पर्यटन स्थलों पर विस्तार
पहले चरण में यह सुविधा चार धाम यात्रा मार्ग पर लागू होगी, फिर पूरे राज्य में फैले प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचेगी. झा ने आगे कहा, "इससे लोग कम बोतलें खरीदेंगे, जिससे प्लास्टिक प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा."
UPES की भूमिका: पर्यावरण-अनुकूल राज्य का सपना
UPES के वाइस चांसलर राम शर्मा ने कहा, "हमारे प्रोफेसर के नेतृत्व में शोध टीम राज्य सरकार के अनुरोध पर WQI डिवाइस तैयार कर रही है. यह उत्तराखंड को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मील का पत्थर साबित होगा." यह पहल न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूत करेगी.