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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में दर्दनाक हादसा, अचनाक पहाड़ दरकने से शख्स की मौत, सामने आया खौफनाक वीडियो

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग इलाके में शुक्रवार को पहाड़ी से अचानक पत्थर और बोल्डर गिरने से बड़ा हादसा हो गया. इस घटना में एक स्थानीय युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया.

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Sagar Bhardwaj

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही हलचल के बीच शुक्रवार सुबह रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग क्षेत्र में दर्दनाक हादसा सामने आया. हनुमान बैरियर के पास अचानक पहाड़ी दरक गई और भारी पत्थर सड़क किनारे मौजूद दो लोगों पर आ गिरे. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े जिसके बाद SDRF और पुलिस टीम मौके पर पहुंची. राहतकर्मियों ने मलबे में फंसे दोनों लोगों को बाहर निकाला लेकिन तब तक एक व्यक्ति की जान जा चुकी थी. घायल युवक को पहले सोनप्रयाग के अस्पताल ले जाया गया और बाद में गंभीर हालत में जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग रेफर किया गया.

 अचानक दरकी पहाड़ी

सुबह करीब आठ बजे लोग रोजमर्रा के काम में लगे हुए थे तभी सोनप्रयाग के हनुमान बैरियर के पास पहाड़ी से तेज आवाज के साथ पत्थर गिरने लगे. चंद सेकंड में पूरा इलाका धूल और मलबे से भर गया. वहां मौजूद दो लोग इसकी चपेट में आ गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला. आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी. पहाड़ी इलाकों में इस तरह की घटनाएं अक्सर बरसात या कमजोर चट्टानों के कारण होती हैं. इस हादसे ने स्थानीय लोगों में डर बढ़ा दिया है.

राहत टीम ने शुरू किया अभियान

घटना की सूचना मिलते ही SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. राहतकर्मियों ने भारी पत्थरों के बीच फंसे लोगों को निकालने के लिए तेजी से अभियान चलाया. काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया. घायल व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए MRP सोनप्रयाग भेजा गया. डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने बताया कि हादसे में एक स्थानीय निवासी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल नेपाली नागरिक बताया जा रहा है.

चारधाम मार्ग पर बढ़ी चुनौती

सोनप्रयाग क्षेत्र चारधाम यात्रा का अहम पड़ाव माना जाता है. यात्रा सीजन के दौरान यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में पहाड़ी दरकने की घटनाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि लगातार मौसम में बदलाव और पहाड़ों पर बढ़ते दबाव के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ रहा है. प्रशासन अब संवेदनशील इलाकों की पहचान कर अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर जोर दे रहा है. फिलहाल इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.