धामी सरकार का बड़ा एक्शन! ₹25 करोड़ के भूमि घोटाले का मास्टरमाइंड धनंजय गिरी गिरफ्तार

सीएम पुष्कर सिंह धामी के 'माफिया मुक्त उत्तराखंड' अभिया के तहत पलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. कुमाउं पुलिस ने करोड़ों के घोटाले के मास्टरमाइंड धनंजय गिरी को गिरफ्तार किया है.

ANI
Kuldeep Sharma

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के एंटी माफिया अभियान के तहत उत्तराखंड पुलिस ने जमीन धोखाधड़ी करने वाले एक बहुत बड़े नेटवर्क पर तगड़ा एक्शन लिया है. कुमाऊं पुलिस ने धनंजय गिरी को गिरफ्तार किया है जिसे करीब 25 करोड़ रुपये के संगठित जमीन घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है. आरोपी और उसका गैंग फर्जी जमीन सौदों और निवेश योजनाओं का लालच देकर पिछले कई सालों से मासूम लोगों को चूना लगा रहा था.

25 करोड़ से ज्यादा की कर चुका है ठगी

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार यह गैंग साल 2018 से एक्टिव था और पिछले कुछ वर्षों में इनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं. इस धोखाधड़ी के सिलसिले में अब तक नौ मामले दर्ज किए जा चुके हैं जबकि कई अन्य पीड़ित भी अब नई शिकायतों के साथ सामने आ रहे हैं. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस सिंडिकेट ने लोगों से 25 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है.

नई SIT का किया गया था गठन

मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने पुरानी स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम को भंग कर दिया था जिस पर जांच में ढिलाई बरतने के आरोप लग रहे थे. इसके बाद जांच में तेजी लाने के लिए एक नई SIT का गठन किया गया जिसके बाद केस में तेजी से प्रगति हुई. तकनीकी सबूतों और पुख्ता गवाहों की मदद से नई टीम ने आखिरकार मुख्य आरोपी धनंजय गिरी को दबोच लिया.

आरोपी की संपत्तियों की हो रही पहचान

इस पूरी जांच की निगरानी एसएसपी अजय गणपति और एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी कर रहे हैं. पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि कार्रवाई सिर्फ इस गिरफ्तारी पर ही नहीं रुकेगी. एसआईटी ने आरोपी और उसके साथियों से जुड़ी अवैध संपत्तियों की पहचान करना शुरू कर दिया है और अब उन संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी की जा रही है.

प्रशासन ने संगठित अपराध से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत भी कार्रवाई की है. इसके अलावा नैनीताल के जिलाधिकारी को एक पत्र भेजकर इस मामले से जुड़ी संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है. कुमाऊं में भू-माफियाओं के खिलाफ इस ऑपरेशन को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. मुख्य आरोपी की यह गिरफ्तारी धामी सरकार के 'माफिया-मुक्त उत्तराखंड' अभियान के लिए एक बड़ी कामयाबी है. इस कार्रवाई से जमीन माफियाओं और धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों को एक कड़ा संदेश गया है.