हलाला पीड़िता का घर से निकलना हुआ मुश्किल, वीडियो जारी कर मांगी मदद, मंत्री ने दिए कार्रवाई के आदेश

उत्तराखंड में हलाला मामले की पीड़िता ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उस पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है.

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Sagar Bhardwaj

उत्तराखंड के बुग्गावाला थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने वीडियो जारी कर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. महिला का आरोप है कि मुकदमे में नामजद पक्ष की ओर से लगातार उस पर दबाव बनाया जा रहा है. उसने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि उसके लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है.

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो फैलाने का आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो बनाए और प्रसारित किए जा रहे हैं. महिला के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों के जरिए उसे मानसिक रूप से परेशान करने और दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है. उसने संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है.

मुकदमा वापस लेने का बनाया जा रहा दबाव

महिला का दावा है कि उस पर पहले दर्ज कराए गए मुकदमे को वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. उसने इस मामले की जानकारी उत्तराखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास को दी और मदद की गुहार लगाई. महिला ने कहा कि लगातार मिल रही कथित धमकियों के कारण वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है.


UCC के तहत दर्ज कराया था मुकदमा

पीड़िता ने समान नागरिक संहिता यानी UCC के तहत अपने ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. बताया गया है कि यह प्रदेश में इस तरह का शुरुआती मामला था. पिछले महीने वह अपने भाई के साथ रुड़की कोर्ट में सुनवाई के सिलसिले में पहुंची थी. इसी दौरान कथित तौर पर उसके साथ विवाद की घटना हुई.

तमंचा दिखाने का भी आरोप

महिला के अनुसार, अदालत में पेशी के दौरान आरोपी पति के बहनोई और एक अन्य रिश्तेदार ने उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की और तमंचा दिखाकर धमकाया. इस घटना के संबंध में गंगनहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने की बात कही गई है. अब नए आरोपों के बाद मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है.

मंत्री खजान दास ने दिए कार्रवाई के निर्देश

पीड़िता की शिकायत सामने आने के बाद अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने पुलिस क्षेत्राधिकारी को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. मंत्री ने कथित तौर पर धमकी देने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाने को कहा है. पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है.

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

वीडियो के जरिए मदद मांगने के बाद अब पीड़िता की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया है. महिला ने प्रशासन से मांग की है कि उसे कथित धमकियों और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार से सुरक्षा दी जाए. मामले में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.

मामले में कार्रवाई का इंतजार

फिलहाल मंत्री के निर्देश के बाद पुलिस स्तर पर कार्रवाई की उम्मीद है. पीड़िता का कहना है कि वह दबाव और धमकियों के बीच अपना मुकदमा लड़ रही है. अब देखना होगा कि पुलिस आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने लाती है और कथित आरोपियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं.