उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महान क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री धामी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए मदन लाल ढींगरा के अदम्य साहस, राष्ट्र के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को याद किया. उन्होंने कहा कि मातृभूमि की सेवा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले महान क्रांतिकारी को जयंती पर अनगिनत नमन.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि मदन लाल ढींगरा का जीवन देशभक्ति और राष्ट्र सेवा की भावना से ओतप्रोत था. उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. धामी ने कहा कि उनका अदम्य साहस, देश के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान हमेशा देशवासियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा.
माँ भारती की सेवा में अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले महान क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा जी की जयंती पर कोटिशः नमन।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 18, 2026
आपका अदम्य साहस, राष्ट्र के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान सदैव हमें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा। pic.twitter.com/s940EUSpNp
मदन लाल ढींगरा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख क्रांतिकारियों में गिने जाते हैं. उन्होंने विदेश में रहते हुए भी भारत की आजादी के लिए सक्रिय रूप से काम किया. ब्रिटिश शासन के खिलाफ उनके संघर्ष और बलिदान ने उस दौर में भारतीय युवाओं के बीच देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
मुख्यमंत्री धामी ने मदन लाल ढींगरा को याद करते हुए उनके जीवन से देश के प्रति समर्पण और त्याग की प्रेरणा लेने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर भारत की आजादी की नींव को मजबूत किया. ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा.
सीएम धामी की ओर से साझा किए गए वीडियो और संदेश में मदन लाल ढींगरा के साहस और बलिदान को विशेष रूप से याद किया गया. उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों का त्याग कभी भुलाया नहीं जा सकता. उनकी देशभक्ति आज भी युवाओं को राष्ट्रहित में योगदान देने और देश सेवा के लिए प्रेरित करती है.
मदन लाल ढींगरा की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया. उनका संदेश स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के बलिदान को सम्मान देने और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर केंद्रित रहा.