डिजिटल पुलिसिंग में उत्तराखंड का कमाल: CCTNS में 4 पायदान की छलांग, ICJS में देश में तीसरा स्थान

उत्तराखंड ने डिजिटल पुलिसिंग में बड़ी सफलता हासिल की है. राज्य ने CCTNS रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त किया, जबकि ICJS 2.0 डैशबोर्ड में देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है.

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Sagar Bhardwaj

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य शीर्ष समिति की बैठक में CCTNS और ICJS 2.0 परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. समीक्षा में सामने आया कि CCTNS प्रगति डैशबोर्ड में उत्तराखंड जुलाई 2026 तक राष्ट्रीय स्तर पर 9वें स्थान पर पहुंच गया है. पिछली समीक्षा में 13वें स्थान पर रहने वाले राज्य ने चार पायदान का सुधार किया है.

ICJS और NCLI रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन

इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS 2.0) डैशबोर्ड में उत्तराखंड देश में तीसरे स्थान पर बना हुआ है. इसके अलावा, NCLI डैशबोर्ड में राज्य ने 6 अंकों के सुधार के साथ 18वीं रैंक हासिल की है, जो पहले 24वें स्थान पर था. राज्य की 242 साइट्स को नेटवर्क कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है और 166 में से 31 पुलिस स्टेशनों को अपग्रेड किया जा चुका है.

डेटा सुरक्षा के लिए अलग रिकवरी सेंटर

बैठक में मुख्य सचिव ने ITDA को CCTNS के लिए एक अलग 'डेटा रिकवरी इकोसिस्टम' तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि डेटा रिकवरी सेंटर से आपदा या तकनीकी खराबी के समय महत्वपूर्ण पुलिस सेवाओं की निरंतरता, डेटा सुरक्षा और त्वरित रिकवरी सुनिश्चित हो सकेगी.


FIR प्रक्रिया में सुधार और ई-समन

मुख्य सचिव ने गृह विभाग और ITDA को निर्देश दिए कि FIR दर्ज करते समय संबंधित व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी सटीक रूप से दर्ज की जाए. इससे ई-समन और अन्य कानूनी नोटिस संबंधित पक्षों तक शीघ्रता से पहुंचाए जा सकेंगे. अधिकारियों को आगामी दो महीनों में सभी मानकों में और सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं.