उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा अभियान में बड़ा एक्शन, 157 वाहन बंद और तीन दिन में कटे 2209 चालान

उत्तराखंड परिवहन विभाग के तीन दिवसीय विशेष अभियान में 2209 वाहनों के चालान किए गए और 157 वाहन बंद किए गए. विभाग ने सड़क सुरक्षा के लिए कार्रवाई जारी रखने की बात कही है.

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Km Jaya

देहरादून: उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने बड़ा अभियान चलाया. 21 से 23 अगस्त तक चले तीन दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान में देहरादून संभाग में 2209 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 157 वाहनों को बंद किया गया. अभियान के दौरान ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, ओवरलोडिंग, गलत पार्किंग और नशे में वाहन चलाने वालों पर विशेष कार्रवाई की गई.

परिवहन आयुक्त के निर्देश पर संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा डॉ. अनीता चमोला के निर्देशन में 40 टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में चेकिंग की. अभियान के दौरान सबसे अधिक 347 मामले ओवरस्पीडिंग के सामने आए. इसके अलावा 239 वाहन चालक बिना हेलमेट पकड़े गए. ओवरलोडिंग के 194 मामलों में भी कार्रवाई की गई.

किन-किन लोगों को पर हुई कार्रवाई?

सड़क किनारे निर्धारित स्थान के बजाय गलत तरीके से वाहन खड़े करने के 183 मामले पकड़े गए. मालवाहक वाहनों से बाहर तक माल निकालकर ले जाने के 112 मामलों में भी चालान किया गया. वहीं, नशे में वाहन चलाने वाले 11 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई.


हरिद्वार में सबसे ज्यादा चालान

अभियान के दौरान हरिद्वार में सबसे ज्यादा 531 चालान किए गए और 36 वाहन बंद किए गए. रुड़की में 492 चालान के साथ 41 वाहन बंद हुए. ऋषिकेश में 442 चालान और 15 वाहन बंद किए गए. देहरादून में 418 चालान और 38 वाहन बंद हुए.

इसके अलावा टिहरी में 116 चालान और चार वाहन बंद किए गए, जबकि उत्तरकाशी में 47 चालान और सात वाहन बंद किए गए. अलग अलग क्षेत्रों में प्रवर्तन अधिकारियों के नेतृत्व में टीमों ने भारी, मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों के साथ यात्री वाहनों की भी जांच की.

अधिकारियों का क्या है कहना?

अभियान के दौरान अधिकारियों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक भी किया. विभाग ने स्पष्ट किया कि सड़क किनारे गलत पार्किंग, तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, नशे में वाहन चलाने और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

परिवहन विभाग के अनुसार इस विशेष अभियान का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाना और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है. विभाग ने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहनों को केवल सुरक्षित तथा निर्धारित पार्किंग स्थानों पर खड़ा करने की अपील की है.