उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उन जगहों पर जीत गई, जहां उसे नहीं जीतना चाहिए था. उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले से ज्यादा सीटें जीतने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पार्टी नतीजों की समीक्षा करेगी और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की कोशिश करेगी.
#WATCH | Lucknow: On MLC election results, UP Deputy CM Keshav Prasad Maurya says, "...BJP has repeated its previous performance. We were expecting to win even more seats but we did not win those many. We will look into this. SP won where it should not have. We will introspect. We will make efforts to ensure that the BJP wins once again in the forthcoming elections..."
— ANI (@ANI) October 28, 2026
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मौर्य के बयान पर पलटवार किया. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर आरोप लगाया कि गोरखपुर में भाजपा ने वाराणसी जैसे नतीजे रोकने के लिए चुनावी प्रक्रिया और प्रशासन का दुरुपयोग किया. यादव ने दावा किया कि गोरखपुर में भी भाजपा को नैतिक हार का सामना करना पड़ा.
उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं से वाराणसी के अंतिम आधिकारिक नतीजे आने तक सतर्क रहने की अपील की. अखिलेश ने यह भी कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन की सरकार बनी, तो भाजपा का कथित पक्ष लेने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी.
दरअसल पीडीए की जीत पर ये भी अंदर-ही-अंदर ख़ुश हैं, घर छोड़ देने से कोई पराया नहीं हो जाता है। अगर षडयंत्रकारी भाजपाइयों ने गोरखपुर में घोड़े की ढाई चाल न चली होती तो वहाँ भी बनारसवाला हाल होता। कुल मिलाकर तो गोरखपुर भी भाजपा नैतिक रूप से हार ही गई है। बनारस के अंतिम नतीजे आने तक हमारी अपने सभी कार्यकर्ताओं से ये अपील है कि : जब तक हाथ में जीत का प्रमाण नहीं, तब तक विश्राम नहीं। एमएलसी चुनावों ने भाजपा का बोरिया बिस्तर बाँध दिया है। घोर बेईमानी और प्रशासनिक हेराफेरी के बावजूद भी भाजपा की दुर्गति कोई नहीं रोक पाया। जिन भ्रष्ट अधिकारियों ने भाजपा की चाकरी की है, उन सबको पीडीए सरकार आने पर जनता के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 28, 2026
सपा प्रवक्ता जूही सिंह ने कहा कि MLC चुनाव के नतीजे भाजपा सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी दिखाते हैं. उन्होंने बेरोजगारी, परीक्षाओं में पेपर लीक, शिक्षकों के कथित अपमान, शिक्षकों से नियमित काम के अलावा दूसरी जिम्मेदारियां लेने और पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं होने जैसे मुद्दे उठाए.
जूही सिंह ने कहा कि ये नतीजे सत्तारूढ़ दल के लिए चेतावनी हैं. उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार बनेगी.
भाजपा प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकारों के कामकाज तथा संगठन की ताकत के आधार पर अधिक सीटें जीतने की उम्मीद थी. उन्होंने कहा कि पार्टी नतीजों की समीक्षा कर कमियों को दूर करेगी.
श्रीवास्तव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ बैलेट पेपर से होने वाले चुनावों को लेकर सपा के आरोपों पर भी सवाल उठाए.
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में भाजपा ने छह और सपा ने दो सीटें जीतीं. चुनाव से पहले भाजपा के पास छह, सपा के पास तीन और निर्दलीय सदस्यों के पास दो सीटें थीं. वाराणसी में सपा की जीत के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है.