Census 2027: उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में कल से घर-घर जनगणना, 52 हजार लोगों की होगी गिनती

उत्तराखंड के बर्फीले और दुर्गम इलाकों में 1 सितंबर से जनगणना-2027 का दूसरा चरण शुरू होगा. चार जिलों के 131 गांव और तीन कस्बों में करीब 52 हजार लोगों की गिनती की जाएगी.

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Ashutosh Rai

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम को देखते हुए जनगणना का कार्यक्रम बदला गया है. 1 सितंबर से घर-घर जाकर आबादी की जानकारी जुटाई जाएगी. इस दौरान जाति संबंधी जानकारी भी दर्ज होगी. पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और लोगों की जानकारी मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज की जाएगी.

बर्फीले इलाकों में घर-घर पहुंचेगी टीम

जनगणना के इस चरण में उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग के 131 गांव शामिल हैं. इसके अलावा गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ में भी करीब 52 हजार लोगों की गिनती होगी. इसके लिए 162 प्रगणक और 34 सुपरवाइजर लगाए गए हैं. टीम की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है.

1 से 30 सितंबर तक होगी आबादी की गणना

इन इलाकों में पॉपुलेशन एन्यूमरेशन 1 से 30 सितंबर तक चलेगा. इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर तक सुधार का मौका मिलेगा. 1 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे को संदर्भ समय माना जाएगा. सामान्य इलाकों में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी.


मौसम की वजह से बदला गया कार्यक्रम

इन इलाकों में सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण पहुंचना मुश्किल हो जाता है. इसी वजह से यहां पहले गणना कराई जा रही है. 17 से 31 अगस्त तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा दी गई थी लेकिन केवल 290 लोगों ने इसका इस्तेमाल किया. इस बार पहली बार पूरी जनगणना डिजिटल होगी और जाति संबंधी जानकारी भी दर्ज की जाएगी. जनगणना-2021 कोरोना महामारी के कारण टल गई थी.