उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा अचानक धंस गया. हादसे के समय सुरंग के भीतर करीब 20 से 25 मजदूर काम कर रहे थे. सुरंग का हिस्सा गिरने के साथ वहां पानी भरने की भी सूचना सामने आई, जिससे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई.
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं. शुरुआती बचाव अभियान में 10 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. हालांकि, सुरंग के भीतर अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है. उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं.
The accident has occurred at the Tail Race Tunnel (TRT) site of THDC’s 444 MW Vishnugad-Pipalkoti Hydroelectric Project on the Alaknanda River in Chamoli district of Uttarakhand.
— Kumaon Jagran (@KumaonJagran) August 13, 2026
The tunnel construction work at the site is being carried out by HCC. https://t.co/NeZwdmWbUZ pic.twitter.com/Nknz9wDrR9
सुरंग का हिस्सा धंसने के बाद अंदर पानी भरने की स्थिति ने बचाव अभियान को चुनौतीपूर्ण बना दिया है. राहत दल सावधानी के साथ मलबा हटाने और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. प्रशासन की निगरानी में अभियान को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसी भी मजदूर को नुकसान न पहुंचे.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों से स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं और घटनास्थल की स्थिति की पल-पल जानकारी ले रहे हैं. सरकार की प्राथमिकता सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है.
पीपलकोटी स्थित THDC टनल के भीतर मलबा एवं पानी आने की सूचना प्राप्त हुई है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 13, 2026
घटना की गंभीरता को देखते हुए @NDRFHQ और @uksdrf की टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया है। जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
स्वयं भी…
मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना के तुरंत बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया. जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है. बचाव अभियान में उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं. प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है. प्रशासन और बचाव एजेंसियां सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हैं. परिवारों की चिंता के बीच सभी की सुरक्षित वापसी की उम्मीद की जा रही है.