उत्तराखंड में सेना भर्ती बढ़ाने की मांग, सतपाल महाराज ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की मुलाकात

उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही है. राज्य के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उत्तराखंड में ज्यादा संख्या में सेना भर्ती रैलियां आयोजित कराने का अनुरोध किया.

ANI
Meenu Singh

उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही है. राज्य के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उत्तराखंड में ज्यादा संख्या में सेना भर्ती रैलियां आयोजित कराने का अनुरोध किया. उनका मानना है कि इससे प्रदेश के युवाओं को देश सेवा के साथ-साथ बेहतर रोजगार के अवसर भी मिल सकेंगे.

रविवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान हुई इस मुलाकात में सतपाल महाराज ने रक्षा मंत्री के समक्ष उत्तराखंड की विशेष परिस्थितियों और युवाओं की क्षमता का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि राज्य लंबे समय से देश को बड़ी संख्या में सैनिक देता रहा है और यहां के युवाओं में सेना के प्रति विशेष लगाव देखने को मिलता है.

उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का दिया हवाला

महाराज ने रक्षा मंत्री को बताया कि जब वह संसद की रक्षा मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष थे, तब उनके प्रयासों से उत्तराखंड में कई सेना भर्ती रैलियां आयोजित की गई थीं. इन अभियानों से प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने का अवसर मिला था और बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने लाभ उठाया था.


युवाओं की योग्यता पर जताया भरोसा

सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड देश के उन राज्यों में शामिल है जहां साक्षरता दर काफी ऊंची है. उन्होंने बताया कि राज्य के युवा शारीरिक रूप से भी मजबूत और अनुशासित होते हैं, जो सैन्य सेवाओं के लिए आवश्यक गुण हैं. यही वजह है कि उत्तराखंड के लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना से जुड़ा रहा है या वर्तमान में सेवाएं दे रहा है.

सभी रक्षा बलों में भर्ती बढ़ाने का आग्रह

मुलाकात के दौरान उन्होंने केवल थल सेना ही नहीं, बल्कि भारतीय नौसेना, वायु सेना और कोस्ट गार्ड में भी भर्ती अभियानों की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया. उनका कहना था कि यदि राज्य में नियमित भर्ती रैलियां आयोजित की जाएं तो बड़ी संख्या में युवा देश की रक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं.

रोजगार और राष्ट्रसेवा दोनों पर जोर

महाराज ने इस बात पर बल दिया कि सेना भर्ती केवल रोजगार का माध्यम नहीं है, बल्कि युवाओं को राष्ट्रसेवा का अवसर भी प्रदान करती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के युवाओं की क्षमता और सैन्य परंपरा को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी.