उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में तीर्थयात्रा के दौरान एक बार फिर आपातकालीन राहत व्यवस्था की अहम भूमिका सामने आई. रुद्रप्रयाग जिले के कालीशिला क्षेत्र में दर्शन करने पहुंचे गुजरात के एक श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ गई. सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल राहत अभियान शुरू कर उनकी जान बचाने के लिए तेजी से कार्रवाई की.
शुक्रवार को कालीशिला में दर्शन कर रहे गुजरात निवासी 44 वर्षीय पर्वत भाई अचानक सीने में तेज दर्द के बाद अचेत होकर गिर पड़े. घटना की जानकारी जिला पंचायत सदस्य सरोज राणा ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दी. सूचना मिलते ही डीडीआरएफ, पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीमों को मौके के लिए रवाना किया गया. दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत दल को घटनास्थल तक पहुंचने में विशेष सतर्कता बरतनी पड़ी.
उखीमठ से पहुंची डीडीआरएफ टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक राहत कार्य शुरू किया. श्रद्धालु की गंभीर स्थिति को देखते हुए हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट करने का निर्णय लिया गया. इसके लिए सुरक्षित लैंडिंग स्थल की पहचान की गई और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया. पूरे अभियान के दौरान राहत टीम ने तेजी और सावधानी दोनों का संतुलन बनाए रखा.
लगातार बदलते मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हेलीकॉप्टर ने शाम करीब पांच बजे फाटा से उड़ान भरकर कालीशिला पहुंचने में सफलता हासिल की. श्रद्धालु को सुरक्षित हेलीकॉप्टर में स्थानांतरित कर तत्काल देहरादून के सहस्त्रधारा स्थित चिकित्सा केंद्र के लिए रवाना किया गया. अधिकारियों ने बताया कि समय पर राहत मिलने से उपचार शीघ्र शुरू कराया जा सका.
इस पूरी कार्रवाई में जिला प्रशासन, पुलिस, डीडीआरएफ और स्थानीय लोगों के समन्वय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पर्वतीय क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता एक बार फिर प्रभावी साबित हुई. प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करने और यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की अपील भी की.