कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को सरकार का सहारा, मंत्री रेखा आर्या ने खातों में ट्रांसफर किए 4.39 करोड़ रुपये
उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत कोरोना महामारी में माता पिता या अभिभावक को खो चुके बच्चों के लिए 4.39 करोड़ रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की है.
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत कोरोना महामारी के दौरान अपने माता पिता, अभिभावकों या संरक्षकों को खो चुके बच्चों को आर्थिक सहायता जारी की है. महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून स्थित यमुना कालोनी के शिविर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से कुल 4.39 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की.
सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और उनके भविष्य को मजबूत बनाना है. कार्यक्रम के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की शुरुआत वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान की गई थी. इस योजना का उद्देश्य उन बच्चों को सहारा देना है, जिन्होंने महामारी के दौरान अपने माता पिता, अभिभावक या संरक्षक को खो दिया था. सरकार ऐसे बच्चों को प्रतिमाह तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है ताकि उनकी शिक्षा, पालन पोषण और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके.
मंत्री रेखा आर्या ने क्या बताया?
मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत मार्च 2026 तक की सहायता राशि पहले ही जारी की जा चुकी थी. अब अप्रैल, मई और जून 2026 की सहायता राशि भी लाभार्थियों के खातों में भेज दी गई है. अप्रैल माह के लिए 4917 लाभार्थियों को एक करोड़ 47 लाख 51 हजार रुपये दिए गए हैं. मई माह के लिए 4879 लाभार्थियों को एक करोड़ 46 लाख 37 हजार रुपये और जून माह के लिए 4848 लाभार्थियों को एक करोड़ 45 लाख 44 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है.
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रेखा आर्या ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजना का लाभ पात्र बच्चों तक समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे. प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली अपनाने से सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है, जिससे किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना भी कम हो जाती है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों के हितों की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है.
किस आयु तक मिलता है इस योजना का लाभ?
मंत्री ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत लाभार्थी को 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. यदि किसी बालिका लाभार्थी का विवाह हो जाता है या कोई लाभार्थी रोजगार प्राप्त कर लेता है, तो वह योजना से बाहर हो जाता है.
कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंसीलाल राणा, सीपीओ अंजना गुप्ता सहित विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे. सरकार ने कहा कि आगे भी जरूरतमंद बच्चों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाती रहेगी.