उत्तराखंड में पर्यटकों की शर्मनाक हरकत, रिसोर्ट में मारपीट और महिला पुलिस अधिकारी से बदसलूकी

रामनगर में गाजियाबाद से आए पर्यटकों पर रिसोर्ट में हंगामा करने, संचालक से मारपीट और महिला दारोगा के साथ अभद्रता करने का आरोप है. पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपी को जेल भेज दिया है.

AI
Babli Rautela

रामनगर: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां घूमने आए गाजियाबाद के कुछ पर्यटकों पर रिसोर्ट में हंगामा करने, संचालक के साथ मारपीट करने और मौके पर पहुंची महिला पुलिस अधिकारी के साथ अभद्रता करने का आरोप लगा है. घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन लोगों के खिलाफ अलग अलग मुकदमे दर्ज किए. इनमें से एक आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया, जबकि दो अन्य को जमानत मिल गई.

रिसोर्ट में शुरू हुआ पूरा विवाद

पुलिस के अनुसार गाजियाबाद के दिलशाद एक्सटेंशन निवासी कोमल शर्मा और चंडीगढ़ निवासी अविनाश सफारी के लिए रामनगर पहुंचे थे. उनके साथ स्थानीय जिप्सी चालक शमशाद भी था. तीनों एक रिसोर्ट में ठहरे थे. बताया जा रहा है कि रिसोर्ट संचालक ने जिप्सी चालक का आधार कार्ड मांगा और कमरे में उसकी मौजूदगी को लेकर सवाल किया. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया.

रिसोर्ट संचालक से मारपीट का आरोप

विवाद बढ़ने के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया. पुलिस के मुताबिक पर्यटकों ने रिसोर्ट संचालक के साथ मारपीट की. रिसोर्ट प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. उस समय तक माहौल काफी तनावपूर्ण हो चुका था. घटना की सूचना मिलने पर महिला दारोगा राजकुमारी मौके पर पहुंचीं और विवाद शांत कराने की कोशिश की. पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान पर्यटकों ने उनके साथ धक्का मुक्की और अभद्रता की. शिकायत के अनुसार एक आरोपी ने पीछे से महिला अधिकारी के गले और सीने को जबरन छूने की कोशिश भी की. इसके बाद पुलिस ने तत्काल तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया.


तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

रिसोर्ट संचालक की शिकायत पर अविनाश, कोमल शर्मा और जिप्सी चालक शमशाद के खिलाफ मारपीट, धमकी देने और अपमान करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया. वहीं महिला दारोगा की शिकायत पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, हमला करने, अभद्रता करने और अन्य संबंधित धाराओं में अलग से एफआईआर दर्ज की गई है.

पुलिस ने तीनों आरोपियों को पूछताछ के लिए कोतवाली लाया. जांच के बाद आरोपी अविनाश को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. वहीं महिला पर्यटक और जिप्सी चालक को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया.