अयोध्या पहुंचे अरविंद केजरीवाल, राम मंदिर चढ़ावा घोटाला पर दिया ये बड़ा बयान

अयोध्या पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन किए. उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की. वहीं, AAP नेताओं ने इसे सत्य और धर्म से जोड़ा.

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Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन मामले को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे. उन्होंने रामलला के दर्शन करने के साथ हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की. इस दौरान उन्होंने मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद की जांच को लेकर सवाल उठाए. उनके दौरे और बयानों ने एक बार फिर इस मामले को राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में ला दिया.

अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या पहुंचकर सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि परिसर में रामलला के दर्शन किए. इसके बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी में भी माथा टेका. दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि भगवान राम से देशवासियों की खुशहाली, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की है. उनके साथ पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे.

चढ़ावा मामले की जांच पर उठाए सवाल

दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में केजरीवाल ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि अब तक हुई कार्रवाई केवल औपचारिकता जैसी दिखाई देती है. उनके अनुसार मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी दोषी को बचने का अवसर न मिले.


राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं. केजरीवाल के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है. उन्होंने संकेत दिया कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है.

हरपाल चीमा ने दिया धार्मिक संदेश

पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी इस दौरे को लेकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम सत्य, न्याय और मर्यादा के प्रतीक हैं, जबकि भगवान हनुमान समर्पण, भक्ति और साहस का संदेश देते हैं. उन्होंने कहा कि अयोध्या में की गई प्रार्थना देश में सत्य और धर्म के प्रसार की कामना के साथ की गई.

दौरे के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे

राजनीतिक विश्लेषक इस दौरे को केवल धार्मिक यात्रा नहीं मान रहे हैं. उनका कहना है कि राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर बढ़ती चर्चा के बीच केजरीवाल का अयोध्या पहुंचना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश भी माना जा सकता है. हालांकि आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह दौरा पूरी तरह श्रद्धा और आस्था से जुड़ा हुआ था.