उत्तराखंड सरकार राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है. तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत 10 हजार परीक्षार्थियों की क्षमता वाला आधुनिक परीक्षा केंद्र स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है.
प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन भर्ती परीक्षाओं का संचालन अधिक व्यवस्थित, विश्वसनीय और सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा. सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ समय और संसाधनों की भी बचत करना है.
प्रस्तावित परीक्षा केंद्र को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जाएगा. यहां हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क, अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब, बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, केंद्रीय कंट्रोल रूम और अन्य उन्नत सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी. इन सुविधाओं के कारण एक ही समय में हजारों अभ्यर्थी ऑनलाइन परीक्षा दे सकेंगे.
भविष्य में आवश्यकता बढ़ने पर केंद्र की क्षमता का विस्तार करने की भी योजना बनाई गई है. सरकार का मानना है कि इस तरह का केंद्रीकृत परीक्षा केंद्र बनने से परीक्षा संचालन में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से मजबूत बनेगी.
राज्य में समूह-ग की सभी भर्ती परीक्षाओं का आयोजन उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा किया जाता है. आयोग को हर वर्ष लगभग 20 प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का चयन करना पड़ता है. इसके साथ ही प्रत्येक केंद्र का भौतिक सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियां भी करनी होती हैं. नया परीक्षा केंद्र बनने के बाद छोटी और मध्यम स्तर की अधिकांश ऑनलाइन परीक्षाएं एक ही परिसर में आयोजित की जा सकेंगी. इससे आयोग का प्रशासनिक बोझ कम होगा, परीक्षा आयोजन में लगने वाला समय घटेगा और सरकारी संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग हो सकेगा.
इस परियोजना को लेकर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष जीएस मार्तोलिया और तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा के बीच प्रारंभिक स्तर पर चर्चा हो चुकी है. शासन स्तर पर भी प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रस्ताव को जल्द ही सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा.