राशन कार्ड बनवाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, उत्तराखंड सरकार बदल सकती है यह बड़ा नियम

उत्तराखंड में नए राशन कार्ड बनवाने की राह जल्द आसान हो सकती है. राज्य सरकार राशन कार्ड के लिए तय आय सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है. इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो नए मानकों पर अपनी रिपोर्ट देगी.

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Babli Rautela

उत्तराखंड में राशन कार्ड बनवाने की प्रतीक्षा कर रहे हजारों परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य सरकार राशन कार्ड के लिए निर्धारित आय सीमा में बदलाव करने की तैयारी कर रही है. यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो बड़ी संख्या में ऐसे परिवार भी राशन कार्ड के दायरे में आ सकेंगे, जो वर्तमान आय मानकों के कारण पात्र नहीं बन पा रहे हैं. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि राशन कार्ड के लिए तय आय मानक काफी पुराने हो चुके हैं. बदलते आर्थिक हालात को देखते हुए इनकी समीक्षा जरूरी है.

इसी उद्देश्य से सरकार एक कमेटी का गठन करेगी, जो आय सीमा बढ़ाने की संभावनाओं का अध्ययन करेगी. सरकार का मानना है कि पुराने मानकों के कारण कई जरूरतमंद परिवार राशन कार्ड से मिलने वाले लाभ से वंचित रह जाते हैं. ऐसे में नए मानकों से अधिक लोगों को राहत मिल सकती है.

तीनों श्रेणियों के राशन कार्ड की होगी समीक्षा

प्रस्तावित कमेटी अंत्योदय, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना तीनों श्रेणियों के राशन कार्ड की आय सीमा की समीक्षा करेगी. वर्तमान में अंत्योदय राशन कार्ड के लिए मासिक आय सीमा चार हजार रुपये निर्धारित है. राज्य में इस श्रेणी के करीब 1.84 लाख राशन कार्ड हैं. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्राथमिक परिवार राशन कार्ड के लिए अधिकतम मासिक आय 15 हजार रुपये तय है. इस श्रेणी में 12 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक शामिल हैं. वहीं राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अधिकतम वार्षिक आय पांच लाख रुपये या मासिक 41 हजार 666 रुपये निर्धारित है. इस श्रेणी में करीब 9.50 लाख राशन कार्ड बनाए गए हैं.


जल्द बन सकेंगे नए राशन कार्ड

आय सीमा में बदलाव होने पर नए पात्र परिवारों के लिए राशन कार्ड बनवाने का रास्ता आसान हो जाएगा. इससे लंबे समय से आवेदन की तैयारी कर रहे लोगों को बड़ा लाभ मिल सकता है. सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाना है ताकि अधिक से अधिक लोग सस्ती दरों पर खाद्यान्न प्राप्त कर सकें. बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 जून तक राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. इसके अलावा राशन विक्रेताओं के नवंबर महीने से लंबित लाभांश का भुगतान भी एक सप्ताह के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं.

राशन डीलरों को मिलेगी बीमा सुविधा

सरकार राशन विक्रेताओं के लिए बीमा सुविधा शुरू करने की तैयारी भी कर रही है. इसके लिए खाद्य आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी. यह कमेटी योजना की रूपरेखा तैयार करेगी. मंत्री ने यह भी साफ किया कि यदि किसी लाभार्थी की मृत्यु के बाद उसके नाम पर राशन लिया जाता है तो ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी. दोषियों से वसूली के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.