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हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में पुजारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू, बिना जेब वाले कुर्ते में ही होगी पूजा

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए पुजारियों के लिए बिना जेब वाले कुर्ते अनिवार्य कर दिए गए हैं.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में पुजारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू, बिना जेब वाले कुर्ते में ही होगी पूजा
Courtesy: X

हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है. मंदिर ट्रस्ट ने पुजारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू करते हुए बिना जेब वाले कुर्ते पहनना अनिवार्य कर दिया है. इसके साथ निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत बनाया गया है.

चढ़ावे की व्यवस्था में बड़ा बदलाव

मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. अब मंदिर में सेवा देने वाले सभी पुजारी बिना जेब वाले कुर्ते पहनकर ही पूजा करेंगे. ट्रस्ट का मानना है कि इस कदम से चढ़ावे को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी या विवाद की संभावना कम होगी. मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह फैसला किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है. ट्रस्ट अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और उसी दिशा में यह नई पहल की गई है.

सीसीटीवी से रखेंगे नजर

नई व्यवस्था के तहत चढ़ावे की निगरानी के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. समिति के सभी सदस्यों को पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ जिम्मेदारी निभाने की शपथ दिलाई गई है. इसके अलावा मंदिर परिसर में पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी. समिति समय-समय पर रिकॉर्ड की समीक्षा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया दान तय प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखा जाए. ट्रस्ट का मानना है कि तकनीक और निगरानी समिति की मदद से जवाबदेही बढ़ेगी और पूरी व्यवस्था अधिक मजबूत होगी.

श्रद्धालुओं का भरोसा बढ़ाने की कोशिश

मनसा देवी मंदिर उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध शक्तिपीठों में गिना जाता है. यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि त्योहारों और विशेष अवसरों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है. ऐसे में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी माना गया है. ट्रस्ट अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि किसी एक घटना से पूरे मंदिर प्रबंधन की छवि प्रभावित होती है, इसलिए सुधारात्मक कदम उठाना आवश्यक था. उनका कहना है कि नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा, मंदिर की गरिमा बनी रहेगी और भविष्य में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर किसी तरह का विवाद पैदा नहीं होगा.