Military Dham Inauguration: उत्तराखंड को मिलेगा पांचवां धाम, पीएम मोदी इस दिन करेंगे सैन्य धाम का शुभारंभ, PMO से मिली मंजूरी
Military Dham Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 नवंबर को उत्तराखंड स्थापना दिवस पर देहरादून में देश के पहले सैन्य धाम का उद्घाटन करेंगे. 91 करोड़ रुपये की लागत से बने इस धाम को उत्तराखंड का पांचवां धाम कहा जा रहा है. प्रधानमंत्री कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. यह धाम देश के वीर जवानों को समर्पित है.
Military Dham Inauguration: उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून में सैन्य धाम का शुभारंभ करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय से औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. यह धाम उत्तराखंड का पांचवां धाम माना जा रहा है, जो वीर जवानों के सम्मान और शौर्य को समर्पित है.
सैन्य धाम उत्तराखंड सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल रहा है. देश का पहला सैन्य धाम निर्माण गुनियाल गांव की चार हेक्टेयर भूमि पर किया गया है. इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 91 करोड़ 26 लाख रुपये बताई गई है. राज्य सरकार का उद्देश्य इसे एक श्रद्धा स्थल और पर्यटन केंद्र दोनों के रूप में विकसित करना है, ताकि देशभर से लोग यहां आकर मातृभूमि के वीर सपूतों को नमन कर सकें.
9 नवंबर को होगा इस धाम का लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संभवतः 9 नवंबर को उत्तराखंड स्थापना दिवस पर इस धाम का लोकार्पण करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय से इस कार्यक्रम को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण होगा, क्योंकि यह स्थल वीर जवानों की स्मृति में समर्पित है.
श्रद्धालु पांचवें धाम का भी करेंगे दर्शन
गणेश जोशी ने कहा कि यह उनके लिए भी गर्व का विषय है कि उनके कार्यकाल में यह महत्वपूर्ण धरोहर पूरी तरह से तैयार हो गई है. उन्होंने बताया कि भविष्य में सैन्य धाम उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के साथ एक नई पहचान बनेगा. उन्होंने कहा कि देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालु इन चार धामों के साथ-साथ इस पांचवें धाम का भी दर्शन करेंगे.
देश के विभिन्न कोनों से लाई गई मिट्टी
देहरादून में स्थित इस धाम के निर्माण में शहीदों की मिट्टी को देश के विभिन्न कोनों से लाया गया है, ताकि यह स्थल राष्ट्रीय एकता और बलिदान का प्रतीक बन सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व में एक कार्यक्रम के दौरान इस स्थल को “पांचवां धाम” कहकर इसके महत्व को रेखांकित किया था. अब जब वह स्वयं इसका उद्घाटन करेंगे, तो यह धाम उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का केंद्र बन जाएगा.
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