उत्तराखंड में ई-चालान भरना होगा और आसान, जल्द लॉन्च होगी मोबाइल एप, घर बैठे मिनटों में होगा भुगतान

उत्तराखंड में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है. राज्य ट्रैफिक पुलिस अपनी आधिकारिक मोबाइल एप के माध्यम से ई-चालान का ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा शुरू करने जा रही है.

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Shanu Sharma

उत्तराखंड ट्रैफिक पुलिस डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है. नई मोबाइल एप के जरिए वाहन चालकों को ई-चालान का भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके शुरू होने के बाद लोगों को चालान जमा करने के लिए बैंक, ट्रैफिक कार्यालय या अन्य माध्यमों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा.

एप पर लॉगिन करने के बाद वाहन संख्या या चालान संख्या दर्ज करते ही संबंधित ई-चालान का पूरा विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगा. इसके बाद यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल माध्यमों से कुछ ही मिनटों में भुगतान किया जा सकेगा. इससे पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और तेज हो जाएगी.

लंबित चालानों का पूरा रिकार्ड रहेगा उपलब्ध

नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि वाहन स्वामी केवल चालान का भुगतान ही नहीं कर सकेंगे, बल्कि अपने वाहन से जुड़े सभी लंबित और पहले जमा किए गए चालानों का रिकार्ड भी एक ही स्थान पर देख सकेंगे. इससे वाहन मालिक किसी भी समय अपने चालानों की स्थिति की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे. डिजिटल रिकार्ड उपलब्ध होने से भुगतान का प्रमाण सुरक्षित रहेगा और भविष्य में किसी तरह के विवाद की संभावना भी कम होगी. फिलहाल ऑनलाइन ई-चालान का भुगतान ई-पे सुविधा के माध्यम से किया जाता है. 


चालान जारी होने पर उसमें दिए गए लिंक के जरिए भुगतान करना होता है. हालांकि कई बार तकनीकी कारणों से लिंक सही तरह से काम नहीं करता या भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती. ऐसी स्थिति में लोगों को ट्रैफिक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं. नई मोबाइल एप शुरू होने के बाद इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है. पूरी भुगतान प्रक्रिया एक ही मंच पर उपलब्ध होने से समय की बचत भी होगी और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

फर्जी चालान लिंक से होने वाली साइबर ठगी पर लगेगी रोक

बीते कुछ समय में ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं. साइबर अपराधी लोगों को फर्जी चालान का संदेश भेजकर भुगतान के नाम पर उनकी बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं. कई लोग इस तरह की ठगी का शिकार भी हो चुके हैं. ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक मोबाइल एप शुरू होने के बाद वाहन चालकों को केवल अधिकृत मंच से ही चालान देखने और भुगतान करने की सुविधा मिलेगी. इससे फर्जी लिंक पर भरोसा करने की संभावना कम होगी और साइबर अपराध पर भी प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी.