अल्मोड़ा में गूंजी राजभाषा की आवाज, 69 अधिकारियों ने सीखे राजभाषा नियम; कार्यशाला में मिला महत्वपूर्ण मार्गदर्शन
अल्मोड़ा के विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में राजभाषा नीति, नियम एवं वार्षिक कार्यक्रम पर कार्यशाला आयोजित की गई. इसमें 69 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया.
अल्मोड़ा: अल्मोड़ा स्थित आईसीएआर-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के हवालबाग परिसर में राजभाषा नीति, नियम एवं वार्षिक कार्यक्रम विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में संस्थान तथा विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के कुल 69 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना और सरकारी कार्यालयों में राजभाषा संबंधी नियमों के पालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था.
यह कार्यशाला भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राजभाषा विभाग की ओर से आयोजित की गई. कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक (राजभाषा) राम दयाल शर्मा ने किया. उन्होंने बताया कि परिषद के सचिव के निर्देशानुसार यह कार्यशाला उन कार्यालयों के लिए आयोजित की जा रही है, जिन्हें राजभाषा नियम 1976 के नियम 10(4) के अंतर्गत शामिल नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि परिषद के सभी कार्यालयों की सक्रिय भागीदारी से राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को बल मिलेगा.
उप निदेशक सुनीता ने क्या कहा?
कार्यशाला के दौरान उप निदेशक (राजभाषा) सुनीता ने राजभाषा नीति, राजभाषा अधिनियम और नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को बताया कि सरकारी कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक प्रावधान लागू किए गए हैं. उन्होंने संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई.
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सुनीता ने राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले दस्तावेजों की जानकारी दी और राजभाषा नियम 1976 के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि नियमों का सही पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यालयों को नियमित रूप से अपनी कार्यप्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए.
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने-अपने कार्यालयों में राजभाषा नीति के अनुपालन के लिए जांच सूची तैयार करने का आग्रह किया. इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि राजभाषा नियम 1976 के नियम 12 के अनुसार किसी भी संस्थान में राजभाषा नियमों का पालन सुनिश्चित करना कार्यालय प्रमुख की जिम्मेदारी होती है.
क्या था कार्यक्रम का उद्देश्य?
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की और राजभाषा के प्रभावी प्रयोग से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया. कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी के अधिकाधिक उपयोग को प्रोत्साहित करना और प्रशासनिक कार्यों में राजभाषा संबंधी प्रावधानों के पालन को मजबूत बनाना था.
कार्यशाला के समापन पर सहायक निदेशक मोनिका शर्माने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का संयोजन राजभाषा प्रभारी रेणु सनवाल ने किया. इस अवसर पर संस्थान और कृषि विज्ञान केंद्रों के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.