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नैनीताल में 14 साल की रेप पीड़िता ने बच्चे को दिया जन्म; आरोपी अस्पताल में बांट रहा था मिठाई

Minor Girl Rape Case: नैनीताल के बीडी पांडे जिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह एक नाबालिग लड़की को उसकी मां लेकर पहुंची. जांच के बाद पता चला कि किशोरी गर्भवती है और उसने एक बच्ची को जन्म दिया है.

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Reepu Kumari

Minor Girl Rape Case: झीलों की नगरी नैनीताल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. महज 14 साल 10 महीने की एक नाबालिग छात्रा गर्भवती हो गई और शुक्रवार की सुबह उसने एक बच्ची को जन्म दिया. इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में हैरानी और गुस्सा दोनों देखने को मिला.

हैरानी की बात तो यह रही कि जिस युवक पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप है, वही आरोपी अस्पताल पहुंचकर मिठाई बांट रहा था. परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया. मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बन गई है.

कैसे हुआ पूरा मामला?

नैनीताल के बीडी पांडे जिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह एक नाबालिग लड़की को उसकी मां लेकर पहुंची. जांच के बाद पता चला कि किशोरी गर्भवती है और उसने एक बच्ची को जन्म दिया है. पीड़िता सिर्फ 14 साल 10 महीने की है और कक्षा 9वीं की छात्रा है. इस घटना से हर कोई हैरान रह गया क्योंकि इतनी कम उम्र में मां बनना समाज और कानून दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है.

फेसबुक पर हुई पहचान, फिर बढ़े रिश्ते

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी सूरज, अल्मोड़ा के शीतलाखेत का रहने वाला है. वह करीब तीन साल पहले काम की तलाश में नैनीताल आया था और यहां एक रेस्टोरेंट में काम करता था. दो साल पहले उसकी पहचान किशोरी से फेसबुक पर हुई थी. धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला बढ़ा और नजदीकियां रिश्ते में बदल गईं. इन्हीं संबंधों के चलते किशोरी गर्भवती हो गई. आरोपी पर पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.

अस्पताल में बांट रहा था मिठाई, पुलिस ने किया अरेस्ट

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि आरोपी सूरज खुद अस्पताल में पहुंच गया और वहां मिठाई बांटने लगा. यह देखकर पीड़िता की मां हैरान रह गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. इस हरकत से इलाके के लोग और भी नाराज हो गए और पूरे दिन अस्पताल और आसपास के इलाके में इसी घटना की चर्चा होती रही.

समाज और कानून के लिए बड़ा सवाल

इस घटना ने समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर नाबालिग बच्चों को सोशल मीडिया पर ऐसे अपराधों से कैसे बचाया जाए. साथ ही यह भी साफ हो गया है कि पॉक्सो जैसे सख्त कानून होने के बावजूद ऐसे मामले थम नहीं रहे. विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को सोशल मीडिया और रिश्तों को लेकर सही मार्गदर्शन देने की जरूरत है, वरना ऐसी घटनाएं समाज को और झकझोरती रहेंगी.