उत्तराखंड में मानसून का कहर! 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट; पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने 11 से 13 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है.

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Shanu Sharma

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार 11 अगस्त को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान कई इलाकों में गरज के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है.

मौसम विभाग के मुताबिक देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. 

12 अगस्त को भी बारिश से राहत नहीं

पहाड़ी क्षेत्रों के साथ हरिद्वार में भी कुछ जगह गरज-चमक के साथ तेज से बहुत तेज बारिश होने की आशंका जताई गई है. ऊधम सिंह नगर में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है.बारिश का सिलसिला 12 अगस्त को भी जारी रहने की संभावना है. ज्यादातर पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. देहरादून, टिहरी और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा. अन्य पहाड़ी इलाकों में भी कहीं-कहीं तेज बारिश और बिजली चमकने की संभावना है.


मैदानी क्षेत्रों में हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ जगह गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार 13 अगस्त को भी उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रह सकती है. टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है. अन्य पहाड़ी इलाकों में भी तेज बारिश और बिजली चमकने की आशंका है.

भूस्खलन और नदी-नालों से रहें दूर

बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी. नदी, नाले और बरसाती गधेरों के पास जाने से बचना जरूरी है. बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वालों को सड़क की स्थिति और मौसम का हाल देखकर ही सफर करने की सलाह दी गई है. आकाशीय बिजली की आशंका के बीच खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से भी बचना चाहिए.