देहरादून में बुलडोजर एक्शन, 150 बीघा भूमि पर हो रही थी अवैध प्लाटिंग

देहरादून के रानीपोखरी स्थित गड़ूल-सूर्यधार क्षेत्र में एमडीडीए ने करीब 150 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है.

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Km Jaya

देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण यानी एमडीडीए ने बड़ी कार्रवाई की है. रानीपोखरी के गड़ूल-सूर्यधार क्षेत्र में करीब 150 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति किए जा रहे भू-विन्यास, सड़क निर्माण और सीमांकन के खिलाफ प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की.

एमडीडीए के सामने शिकायत आई थी कि क्षेत्र में बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के बड़े स्तर पर प्लाटिंग और विकास कार्य किए जा रहे हैं. इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके का निरीक्षण किया. जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और अनधिकृत विकास के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई.

क्या है पूरा मामला?

प्राधिकरण के अनुसार इस मामले में विशाल मनवाल और श्री कोठारी से संबंधित भूमि पर बिना जरूरी अनुमति के भू-विन्यास संबंधी कार्य किए जा रहे थे. मौके पर सड़क निर्माण, जमीन का सीमांकन और अन्य विकास कार्य भी पाए गए. इन गतिविधियों के लिए आवश्यक स्वीकृति नहीं ली गई थी.


पहले भी हो चुकी थी कार्रवाई

खास बात यह है कि इसी स्थान पर इससे पहले भी एमडीडीए कार्रवाई कर चुका है. सात जुलाई को अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया था. इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने दोबारा मौके का निरीक्षण किया तो वहां अनधिकृत विकास का दायरा पहले से कहीं अधिक पाया गया.

पहले निरीक्षण में करीब 50 बीघा भूमि पर अनधिकृत गतिविधियां सामने आई थीं. बाद की जांच में करीब 150 बीघा क्षेत्र में भू-विन्यास और अन्य विकास कार्य पाए गए. इसके बाद प्राधिकरण ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई की.

सड़क और सीमांकन भी बिना मंजूरी

एमडीडीए की जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि पर सड़कें बनाई जा रही थीं और जमीन का सीमांकन भी किया गया था. इसके अलावा प्लाटिंग से जुड़े अन्य विकास कार्य भी चल रहे थे. प्राधिकरण का कहना है कि बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के इस तरह का विकास नियमों का उल्लंघन है.

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति भू-विन्यास, प्लाटिंग या निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि गड़ूल-सूर्यधार मामले में अभिलेखों और स्थल निरीक्षण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है.

प्राधिकरण ने साफ किया है कि अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति निर्माण के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. अधिकारियों के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे.