उत्तराखंड में हैट्रिक के लिए BJP की फील्डिंग, हारी सीटों पर नितिन नवीन का मास्टर प्लान तैयार
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हारी हुई 23 सीटों और बड़े जिलों पर विशेष फोकस की रणनीति बनाई है.
देहरादून: उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रदेश में सत्ता की हैट्रिक के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने पर जोर दिया है. भाजपा का फोकस 2022 में हारी हुई सीटों के साथ बड़े जिलों पर रहेगा. पार्टी की रणनीति में विकास के मोदी मॉडल, डबल इंजन सरकार और राष्ट्रवाद को प्रमुख मुद्दों के तौर पर आगे रखने की तैयारी है.
भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद नितिन नवीन तीसरी बार उत्तराखंड पहुंचे. इस दौरान उन्होंने हल्द्वानी को अपनी रणनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया. हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 10 अगस्त को हुए कथित शुद्धीकरण कार्यक्रम को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए नवीन ने सामाजिक समरसता को भी पार्टी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया.
दलित बूथ अध्यक्ष के घर अचानक पहुंचे नवीन
गुरुवार को नितिन नवीन ने मोटाहल्दू के जयपुर वीसा गांव में भाजपा के एससी वर्ग से जुड़े बूथ अध्यक्ष राकेश कुमार आर्य के घर पहुंचकर चाय पी. उनके अचानक पहुंचने से परिवार के लोग हैरान रह गए. इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट और अन्य भाजपा नेता भी मौजूद रहे.
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नवीन ने परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत की और फोटो भी खिंचवाई. भाजपा की ओर से इसे सामाजिक समरसता और कार्यकर्ताओं के सम्मान के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद शुद्धीकरण को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच दलित बूथ अध्यक्ष के घर राष्ट्रीय अध्यक्ष का पहुंचना राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रहा.
हारी हुई 23 सीटों पर खास फोकस
भाजपा ने 2027 के चुनाव में उन विधानसभा सीटों पर विशेष ध्यान देने की रणनीति बनाई है, जहां उसे 2022 में हार का सामना करना पड़ा था. उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों में बहुमत के लिए 36 सीटों की जरूरत होती है. देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल जैसे बड़े जिलों में ही कुल 36 विधानसभा सीटें हैं. इन जिलों में भाजपा के पास फिलहाल 21 सीटें हैं.
पार्टी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसदों और मंत्रियों को हारी हुई सीटों की जिम्मेदारी देने की योजना बनाई है. नेताओं को इन क्षेत्रों में रात्रि प्रवास करने, संगठन को मजबूत करने और समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच संपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
मोदी मॉडल और डबल इंजन सरकार पर जोर
नितिन नवीन की रणनीति में विकास का मोदी मॉडल सबसे प्रमुख आधार बताया जा रहा है. भाजपा जनता के बीच केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार से उत्तराखंड को मिले विकास कार्यों और योजनाओं को प्रमुखता से रखने की तैयारी में है.
पार्टी उत्तराखंड को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भावनात्मक और वैचारिक जुड़ाव वाले राज्य के तौर पर भी पेश करेगी. चुनावी प्रचार में राष्ट्रवाद, वंदे मातरम, एसआईआर और तुष्टिकरण के विरोध जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता मिलने की संभावना है.
कांग्रेस पर भी भाजपा का हमला
नितिन नवीन के उत्तराखंड दौरे के दौरान कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने भी पलटवार किया. प्रदेश प्रवक्ता सुरेश तिवारी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी राज्य में राजनीतिक रूप से हाशिए पर है. भाजपा का आरोप है कि चुनाव नजदीक आने के बाद कांग्रेस नेताओं की सक्रियता बढ़ी है. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मुकाबला और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.