IPL 2026

'राहुल गांधी का निजी सचिव हूं...', शख्स ने टिकट दिलाने के नाम पर 3 राज्यों में नेताओं से की करोड़ों की ठगी; आरोपी गिरफ्तार

देहरादून पुलिस ने एक ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को राहुल गांधी के निजी सचिव बताकर कई लोगों को टिकट और पद दिलाने का झांसा दिया था. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

Pinterest
Km Jaya

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के निजी सचिव कनिष्क सिंह बताकर कई नेताओं और टिकट चाहने वालों से लाखों रुपये की ठगी की. इस मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड, राजस्थान और बिहार तक फैले बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है.

आरोपी की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी गौरव कुमार के रूप में हुई है. देहरादून पुलिस ने उसे ऑपरेशन प्रहार के तहत गिरफ्तार किया. यह मामला तब सामने आया जब उत्तराखंड की कांग्रेस नेता भावना पांडे ने 3 मई को राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई.

भावना पांडे ने क्या लगाया आरोप?

भावना पांडेय ने आरोप लगाया कि गौरव कुमार ने खुद को राहुल गांधी के निजी सचिव कनिष्क सिंह के रूप में पेश किया और दावा किया कि वह उन्हें पार्टी में बड़ा पद दिला सकता है. आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए कॉलर आईडी ऐप पर फर्जी प्रोफाइल भी बनाई थी.

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने भावना पांडे के घर से अपने एक साथी के जरिए 25 लाख रुपये मंगवाए. पैसे लेने के बाद उसने फोन बंद कर दिया और फरार हो गया.

जांच में क्या आया सामने?

जांच में सामने आया कि आरोपी राजनीतिक वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से नेताओं की जानकारी जुटाता था. इसके बाद वह टिकट चाहने वाले नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों को निशाना बनाता था. वह खुद को पार्टी का करीबी बताकर चुनाव टिकट या बड़ा पद दिलाने का झांसा देता था.

पुलिस ने तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की. आखिरकार उसे देहरादून के एक मॉल से गिरफ्तार किया गया, जहां वह कथित तौर पर एक अन्य नेता से पैसे लेने पहुंचा था.

पूछताछ में आरोपी ने क्या बताया? 

आरोपी ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उसने जयपुर के दो नेताओं से 1.90 करोड़ रुपये और 12 लाख रुपये ठगने की बात कबूल की. इसके अलावा पटना के एक नेता से भी 3 लाख रुपये ठगने की जानकारी सामने आई है.

पुलिस का क्या है कहना?

पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में आरोपी के तीन और साथी शामिल हैं, जिनकी पहचान चज्जू, रजत माडा और मनिंदर सिंह कालू के रूप में हुई है. तीनों फिलहाल फरार हैं.

पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और एक डाटा डोंगल बरामद किया है. मामले की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.