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Explainer: मनाली में लंबा ट्रैफिक जाम, फिर भी पहाड़ों की ओर भाग रहे पर्यटक, जानिए पहाड़ों की छुट्टियों का क्रेज

​​​​​​​Long Weekend Traffic: जैसा कि हम हमेशा देखते आए हैं कि जैसे ही लोगों को लॉन्ग वीकेंड मिलता है, वो छुट्टियां मनाने पहाड़ों पर निकल पड़ते हैं. फिर जाम लग जाता है. क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों है?

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Shilpa Srivastava

Long Weekend Traffic: जैसा कि हम हमेशा देखते आए हैं कि जैसे ही लोगों को लॉन्ग वीकेंड मिलता है, वो छुट्टियां मनाने पहाड़ों पर निकल पड़ते हैं. दिल्ली-NCR के लोगों के लिए तो यह एक आम बात हो चुकी है. मनाली, शिमला और कुल्लू जैसी जगहों का रुख करते हुए लोग इस बार भी दिखाई दे रहे हैं. 2 अक्टूबर-शुक्रवार, शनिवार और रविवार… इन तीन दिनों की छुट्टियों को लोग एंजॉय करने के लिए पहाड़ों पर भाग रहे हैं. इस चक्कर में वहां पर भयंकर जाम देखने को मिल रहा है. 

ऐसे में सवाल यह है कि जब लोगों को पहले से पता होता है कि सड़कों पर घंटों जाम मिलेगा, तो वे फिर भी पहाड़ों की ओर क्यों निकल पड़ते हैं? आपके मन में भी यह सवाल आया होगा, लेकिन छुट्टियों के आगे सवाल का क्या ही करना, तो लोग इसे इग्नोर करना बेहतर समझते हैं. लेकिन हमने इसे इग्नोर नहीं किया, चलिए जानते हैं कि आखिर ऐसा होता क्यों है.

मनाली में सड़कों पर रेंगती दिखीं गाड़ियां:

मानसून के बाद हिमाचल प्रदेश में पर्यटन गतिविधियां फिर तेज होने लगी हैं. लॉन्ग वीकेंड पर मनाली में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने से कई प्रमुख सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई. मनाली के एंट्री गेट से लेकर मॉल रोड, सोलांग नाला और अटल टनल जाने वाले रास्तों पर गाड़ियों की भयंकर भीड़ दिखाई दी. सोशल मीडिया पर ट्रैफिक जाम के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं. हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में पर्यटकों को घंटों लग रहे हैं.


आखिर मनाली, शिमला और कुल्लू ही क्यों जाते हैं लोग?

लॉन्ग वीकेंड पर पहड़ों पर जाने का आखिर क्रेज क्यों है? इसके पीछे सबसे बड़ी वजह बड़े शहरों की भागदौड़ से कुछ दिनों के लिए दूर जाना है. दिल्ली-NCR जैसे शहरों में रहने वाले लोग ट्रैफिक, प्रदूषण और काम के तनाव से राहत पाने के लिए पहाड़ों को पसंद करते हैं. मनाली, शिमला और कुल्लू की प्राकृतिक सुंदरता, ठंडी हवा, पहाड़, नदियां और खूबसूरत नजारे पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. 

इसके अलावा ये जगहें रोड ट्रिप के लिए परफेक्ट मानी जाती हैं. यहां होटल, होमस्टे, कैफे और घूमने-फिरने के कई विकल्प मौजूद हैं. तीन दिन की छुट्टियों में लोग कम समय में ज्यादा घूमना चाहते हैं. यही वजह है कि लंबा वीकेंड आते ही इन पर्यटन स्थलों पर अचानक भीड़ बढ़ जाती है.

ट्रैफिक का पता होने के बावजूद क्यों जाते हैं टूरिस्ट?

देखा जाए यह सवाल काफी दिलचस्प है. वैसे तो आप भी इस बात से इतेफाक रखते होंगे कि नौकरी करने वाले ज्यादातर लोगों को एक साथ लंबी छुट्टियां आसानी से नहीं मिलतीं. ऐसे में जब कोई सरकारी छुट्टी शुक्रवार या सोमवार को पड़ती है तो लोग प्लान बना लेते हैं. उन्हें बिना ज्यादा छुट्टी लिए तीन दिन घूमने का मौका मिल जाता है.

कई लोग पहले से होटल और गाड़ियों की बुकिंग कर लेते हैं. ऐसे में ट्रैफिक की खबर मिलने के बावजूद ट्रिप कैंसिल करना आसान नहीं होता है. इसके अलावा FOMO के बारे में आपने सुना होगा. इसका मतलब है Fear Of Missing Out… सोशल मीडिया पर पहाड़ों की खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो देखकर भी लोगों में वहां जाने की इच्छा बढ़ती है. लोग कई बार ये सोचकर निकलते हैं कि सुबह जल्दी निकलेंगे तो जल्दी पहुंच जाएंगे, या फिर दूसरा रास्ता लेंगे तो जाम से बच जाएंगे. लेकिन जब हजारों लोग एक जैसा प्लान बनाते हैं, तो सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है.

पर्यटकों की भीड़ से कारोबारियों को राहत:

एक तरफ ट्रैफिक जाम से पर्यटक परेशान हैं, तो दूसरी तरफ हिमाचल के पर्यटन कारोबारियों के लिए यह वीकेंड राहत लेकर आया है. जैसे ही टूरिस्ट बढ़ते हैं वैसे तो ही मनाली में होटल और होमस्टे की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में कई बार होटल के रेट बढ़ा दिए जाते हैं, जिससे कारोबारियों की चांदी ही चांदी हो जाती है. टैक्सी चालकों, दुकानदारों और स्थानीय कारोबारियों को भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या से कमाई की उम्मीद है.

इस बीच प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय वाहन चालकों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है. साथ ही व्यस्त समय में गैरजरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. लॉन्ग वीकेंड पर पहाड़ों की यात्रा का आकर्षण अपनी जगह है, लेकिन घंटों ट्रैफिक में फंसने से छुट्टियों का मजा खराब हो सकता है. इसलिए यात्रा से पहले रास्तों की स्थिति जानना, पर्याप्त समय लेकर निकलना और मौसम की जानकारी रखना जरूरी है.