ऋषिकेश: आबकारी विभाग ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए तीर्थनगरी ऋषिकेश में ब्लिंकिट कंपनी के नाम वाले बैग से शराब की बड़ी खेप बरामद की है. विभाग की टीम ने सूचना के आधार पर एक युवक को पकड़ लिया, जिसके पास से दर्जनों शराब के पव्वे मिले. यह वही बैग थे जिनका इस्तेमाल आमतौर पर किराने और घरेलू सामान की डिलीवरी के लिए किया जाता है. इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस दोनों के सामने नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
आबकारी विभाग को सूचना मिली कि शहर के कुछ इलाकों में डिलीवरी के नाम पर अवैध शराब की आपूर्ति की जा रही है. टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच अभियान चलाया. इसी दौरान एक युवक ब्लिंकिट के लोगो वाले डिलीवरी बैग के साथ संदिग्ध स्थिति में पकड़ा गया. तलाशी लेने पर बैग में दर्जनों पव्वे शराब के मिले, जिन पर किसी तरह की वैध बिक्री रसीद नहीं थी.
तीर्थनगरी ऋषिकेश में आबकारी विभाग ने सूचना पर कार्रवाई करते हुए ब्लिंकिट लिखे बैग से दर्जनों शराब के पव्वे के साथ एक युवक को पकड़ लिया। जिन बैगों का इस्तेमाल रोजमर्रा के सामान पहुंचाने के लिए होता है, उन्हीं में इस तरह की चीज़ें मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
— Kumaon Jagran (@KumaonJagran) November 7, 2025
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आबकारी अधिकारी ने बताया कि युवक से पूछताछ जारी है. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह युवक शराब की अवैध सप्लाई का हिस्सा था और डिलीवरी बैग का इस्तेमाल केवल पहचान से बचने के लिए किया जा रहा था. अधिकारी ने यह भी कहा कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह अवैध शराब किस सप्लाई चैन से लाई जा रही थी और कहां-कहां भेजी जाती थी.
इस मामले ने लोगों में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब ऑनलाइन डिलीवरी के नाम पर गैरकानूनी गतिविधियों के लिए डिलीवरी बैगों का दुरुपयोग हुआ हो. इससे पहले भी कई शहरों में डिलीवरी एजेंट बनकर मादक पदार्थों या शराब की तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं.
ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्र में इस तरह का मामला सामने आना बेहद गंभीर माना जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं शहर की छवि को खराब कर सकती हैं. प्रशासन ने ब्लिंकिट और अन्य डिलीवरी कंपनियों को भी अलर्ट जारी किया है कि उनके नाम का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो.
आबकारी विभाग ने मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है. साथ ही पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि सभी डिलीवरी वाहनों और कर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए. अधिकारियों का कहना है कि यह घटना प्रशासन को सतर्क करने वाला संकेत है कि शहरों में आधुनिक सेवा प्रणाली की आड़ में गैरकानूनी कामकाज पनप सकते हैं.