केदारनाथ जा रही महिला पर काल बनकर गिरा पहाड़ से पत्थर, मौके पर गई जान; 3 घंटे रुकी यात्रा

रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से अचानक गिरे पत्थर की चपेट में आने से महाराष्ट्र की 60 वर्षीय महिला तीर्थयात्री की मौत हो गई. हादसे के बाद सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को रास्ते में रोक दिया गया.

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Babli Rautela

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया. चीरबासा के पास पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की घटना में महाराष्ट्र की एक महिला तीर्थयात्री उसकी चपेट में आ गईं. हादसे में उनकी मौत हो गई. घटना के बाद सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ धाम की ओर जा रहे यात्रियों को रास्ते में ही रोक दिया गया. करीब तीन घंटे तक मार्ग को साफ और सुरक्षित करने का काम चला. इसके बाद यात्रा को दोबारा सुचारू कर दिया गया.

चीरबासा के पास अचानक गिरे पत्थर

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के मुताबिक, रविवार सुबह महाराष्ट्र से आए तीर्थयात्री गौरीकुंड से केदारनाथ की ओर जा रहे थे. इसी दौरान चीरबासा के पास पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने लगे. इन पत्थरों की चपेट में महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के निम गांव निवासी 60 वर्षीय मंगल अपाराव सिंधे आ गईं. हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने एहतियात के तौर पर यात्रियों की आवाजाही रोक दी. प्रशासन और सुरक्षा टीमों ने मार्ग को साफ करने के साथ उसकी स्थिति का जायजा लिया. करीब तीन घंटे बाद जब रास्ता साफ और सुरक्षित पाया गया, तब यात्रियों को आगे केदारनाथ की ओर जाने की अनुमति दी गई. इस दौरान रास्ते में रुके श्रद्धालु महादेव के जयकारे लगाते रहे.


गौरीकुंड लाया गया शव

हादसे में जान गंवाने वाली महिला तीर्थयात्री के शव को डीडीआरएफ और वाईएमएफ की टीम ने गौरीकुंड पहुंचाया. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया. हादसे के बाद पैदल मार्ग पर सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई. पहाड़ी इलाकों में अचानक पत्थर गिरने की घटनाओं को देखते हुए यात्रियों की आवाजाही के दौरान विशेष सावधानी बरती जाती है.

तीन घंटे बाद फिर शुरू हुई यात्रा

चीरबासा में पत्थर गिरने की घटना के कारण कुछ समय के लिए केदारनाथ यात्रा प्रभावित हुई, लेकिन मार्ग साफ होने के बाद यात्रा फिर शुरू कर दी गई. प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रास्ते की स्थिति पर नजर रखी गई. केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम और रास्ते की परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.