PGI की मशहूर टक शॉप पर गिरी गाज! छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी

चंडीगढ़ स्थित PGI की लाइब्रेरी के सामने चल रही टक शॉप पर कई शिकायतों के बाद कार्रवाई की तैयारी है. पीएचडी छात्रा ने दुकान परिसर में कथित छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत की थी. इसके अलावा तय दर से ज्यादा कीमत वसूलने और दुकान के बाहर सामान रखकर जगह घेरने के आरोप भी लगे हैं.

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Babli Rautela

चंडीगढ़ स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च यानी PGI की लाइब्रेरी के सामने चल रही टक शॉप पर अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है. दुकान को लेकर एक के बाद एक कई शिकायतें सामने आने के बाद संस्थान प्रशासन ने लाइसेंसधारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

शिकायतों में पीएचडी छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट के अलावा ग्राहकों से तय दर से अधिक पैसे लेने और दुकान के बाहर सामान रखकर निर्धारित जगह से ज्यादा क्षेत्र घेरने के आरोप शामिल हैं. प्रशासन ने अलग-अलग नियमों के उल्लंघन को लेकर जुर्माने का भी प्रस्ताव रखा है और लाइसेंस समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है.

2024 में दो साल के लिए मिला था लाइसेंस

जानकारी के मुताबिक, टक शॉप का आवंटन अरविंद चमोली को 19 जुलाई 2024 को दो साल की अवधि के लिए किया गया था. अब दुकान को लेकर मिली शिकायतों के बाद PGI प्रशासन ने लाइसेंसधारी से जवाब मांगा है. नोटिस में विभिन्न नियमों के उल्लंघन के लिए कुल 15 हजार रुपये प्लस GST का जुर्माना लगाने की बात कही गई है. इसमें दुकान के बाहर निर्धारित क्षेत्र से आगे सामान रखने और ग्राहकों से तय कीमत से ज्यादा वसूली से जुड़े मामले शामिल हैं.


चाय और कॉफी की ज्यादा कीमत लेने की शिकायत

करीब एक महीने पहले कृष्णा नाम के व्यक्ति ने टक शॉप पर तय दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत की थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि दुकान पर चाय 20 रुपये और कॉफी 30 रुपये में बेची जा रही थी. इसके अलावा दुकान के बाहर फ्रिज, टेबल और कुर्सियां रखकर निर्धारित जगह से बाहर तक सामान फैलाने की शिकायत भी की गई थी. PGI प्रशासन ने इन शिकायतों को लाइसेंस की शर्तों से जोड़ते हुए जवाब मांगा.

पीएचडी छात्रा ने की थी शिकायत

31 जुलाई को एक पीएचडी छात्रा की शिकायत भी संस्थान के प्रशासन तक पहुंची. सिक्योरिटी विभाग के माध्यम से मिली शिकायत में छात्रा ने टक शॉप परिसर में अपने साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाया था. इसके बाद डीन कार्यालय की ओर से भी इस मामले में PGI प्रशासन को नोट भेजा गया. संस्थान ने मामले को गंभीर मानते हुए इसे महिला की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा विषय बताया.